संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिल्ली कूच के आह्वान पर जिले के कई किसान नेता दाता सिंह वाला बॉर्डर पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे। इन किसानों ने दो दिन पहले ही आंदोलन में शामिल होने की योजना बनाई थी। इसके बाद ये किसान नेता मंगलवार सुबह नरवाना में दाता सिंह वाला बॉर्डर पर पहुंचे और प्रदर्शन किया।
आंदोलन में शामिल होने वाले किसान हरियाणा की तरफ बॉर्डर पर एकत्रित हुए। इसके बाद वे हरियाणा की तरफ ही हो रहे किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए। ये किसान नेता भारतीय किसान यूनियन धन्ना भगत के होशियार सिंह गिल के नेतृत्व में शामिल हुए। किसान नेता होशियार सिंह गिल ने फोन पर बताया कि वे दाता सिंह वाला बॉर्डर पर हो रहे प्रदर्शन शामिल हुए हैं।
कहा कि सरकार पिछले लंबे समय से किसानों की मांगों को अनदेखा कर रही है। इसके चलते ही किसानों में काफी रोष व्याप्त है। वहीं, कलायत के गांव तारागढ़ में भी किसानों ने किसान आंदोलन में शामिल होने को लेकर अपनी रणनीति बनाई। यहां गांव के किसानों ने नरवाना में दाता सिंह वाला बॉर्डर पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर फैसला लिया।
किसानोंं की सभी मांगों को माने सरकार : शमशेर कुराड़
कलायत। इनेलो किसान सैल जिला अध्यक्ष शमशेर कुराड़ ने कहा कि केंद्र सरकार को अपनी मांगोंं के समर्थन मेंं दिल्ली कूच कर रहे किसानोंं का रास्ता रोकने की बजाए उनकी मांगोंं को पूरा करना चाहिए। इससे ही सरकार का किसान हितैषी होने का प्रमाण साबित होगा। उन्होंने कहा कि लेकिन जिस प्रकार सरकार के आदेश पर किसानोंं के रास्ते रोककर उन्हें घायल किया जा रहा है वह लोकतंत्र की हत्या है। वे मंगलवार को कलायत में पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने का सबको अधिकार है। आखिरकार किसान भारतीय हैं उन्हेंं किस मायने से अपना हक मांगने से रोका जा रहा है। संवाद