संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बिजली के जर्जर हुए तार की वजह से आ रही भारी समस्या के मुद्दे पर गांव चौशाला के किसानों ने उपमंडल अभियंता से सोमवार को मुलाकात की। अधिकारी के जवाब से संतुष्ट न होेने पर नाराज किसानों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद किसानों का शिष्टमंडल बिजली विभाग के एससी से जिला मुख्यालय पर मिला।
सुरेंद्र चौशाला, मंदीप, सुरेश, कुलबीर आदि ने कहा कि उनके गांव में बिजली की आपूर्ति बालू के बिजली घर से होती है। स्कूल से लेकर वजीरखेडा रोड पर श्मशान घाट तक के करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में बिजली की तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। उनमें इतने जोड़ हैं कि कोई न कोई टूटा ही रहता है जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित रहती है। सुरेंद्र ने कहा कि इस क्षेत्र के सैंकड़ों एकड़ खेत भी हालात से बुरी तरह से प्रभावित हैं। आपूर्ति बाधित रहने के कारण से खेतों में खड़ी धान की फसल की सिंचाई तक कर पाना किसानों के लिए मुश्किल होता है।
उन्होंने कहा कि करीब छह मास पूर्व तारों को बदलने का एस्टीमेट बनाया गया था जिस पर आज तक कोई कवायद नहीं हुई। किसानों ने एससी से कहा कि बारिश न होने के कारण किसान पूरी तरह से इस समय भूमिगत जल पर भी निर्भर हैं। बिजली की आपूर्ति बाधित करने के कारण से वे लोग अपने खेतों में पानी भी नहीं दे पा रहे। फसल मरने या पैदावार कम होने पर बीमा क्लेम या मुआवजा को लेकर सरकार हाथ उठा देती है। ऐसे में किसान करें तो क्या करें। एससी ने फोन पर लेकर एसडीओ कलायत से पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया की उन लोगों की समस्या को प्राथमिकता पर रख उसका शीघ्र समाधान होगा। इस अवसर पर सुरेंद्र चौशाला, मंदीप, कुलबीर, महेश कुमार, सलिंद्र, प्रदीप, दारा सिंह, सतपाल, रमेश कुमार, इंद्र सिंह, सुखबीर, राममेहर, दलीपा, संजीव कुमार सहित अनेक किसान मौजूद रहे।