कैथल। भाजपा के कपिल कमल कार्यालय पर शुक्रवार को मांगों के समर्थन में नाराज आशा कर्मियों ने थाली बजाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘भाजपा जागो, सरकार जागो’ और ‘गूंगी बहरी सरकार नहीं चलेगी’...आदि नारे भी लगाए। इस बीच गर्मी अधिक होने के चलते अचानक एक आशा कर्मी को चक्कर आने से वह जमीन पर गिर गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल में पहुंचाया गया।
भारी गर्मी के चलते गुहला की प्रधान सुरेंद्र कौर को चक्कर आए गए और जमीन पर गिर गई। मौके पर कोई एंबुलेंस नहीं थी, बड़ी मुश्किल से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। नागरिक अस्पताल में पूरी व्यवस्था न होने पर सिग्नस अस्पताल ले जाना पड़ा। इस पर आशाओं ने भारी रोष जताया है।
उधर, प्रदर्शन के दौरान जिला प्रधान सुषमा जडौला सहित सैकड़ों आशा कर्मियों ने पंचकूला जाते समय आशाओं को गिरफ्तार करने पर रोष प्रकट किया। यूनियन की सदस्य कविता राजौंद, मेनका व चरणजीत कौर ने बताया कि 12 अगस्त को भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर को उनके जिला कार्यालय पर प्रदर्शन करके आशा वर्कर यूनियन ने ज्ञापन दिया था। इस पर उन्होंने कहा था कि वह तीन-चार दिन में आशाओं के ज्ञापन को मुख्यमंत्री के पास अपनी सिफारिश सहित भेज दूंगा। उसी ज्ञापन पर उन्होंने क्या कार्रवाई की यह जानने आशा कर्मी 20 दिन बाद थाली बजाती हुई कार्यालय पर पहुंची है। भाजपा जिला प्रधान कार्यालय पर नहीं मिले।
भाजपा के जिला महासचिव संधू ने बताया कि हमारा मकसद केवल सरकार तक मांग पत्र भेजना था, वह हमने भेज दिया। सरकार ने क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी नहीं। इस पर सभी आशा कर्मियों ने थालियां बजाकर रोष प्रकट किया। उन्होंने सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गौर न करते हुए केवल आंदोलन को पुलिस के बल पर दबाने का व आंदोलन को लंबा खींचकर आशाओं को थकाने का प्रयास कर रही है, जिसमें सरकार सफल नहीं होगी।
प्रदर्शन से पहले जिलेभर की आशा कर्मी लघु सचिवालय पर इकट्ठी हुई व एक सभा का आयोजन किया। सभा को कई यूनियन नेताओं रीना तितरम, प्रवेश कलायत, ममता सिरसल, ममता ढांड, प्रकाशो कौल, रेनू, सुदेश पाई, रोशनी खुरड़ा, रैना खेड़ी, सुरेन्द कौर गुहला, सुमन सैनी, सुमन चौहान, उषा, पूनम कुलतारण उर्मिला, संतोष, सपना, आशा मानस ने संबोधित किया।
आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग के मंत्री सहित आला अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे हमारी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। उनका काम केवल आशाओं पर अनाप शनाप काम का बोझ डालकर उन्हें तनाव में रखने का है। उनसे तमाम काम फ्री में करवाए जाते है लेकिन बिना सम्मानजनक मानदेय के वे कैसे अपने परिवार का निर्वाह कर पाएंगी। सभा के बाद आशा वर्कर्स बड़ी संख्या में थाली बजाते हुई, भाजपा कार्यालय पहुंची व भाजपा जागो, सरकार जागो, गूंगी बहरी सरकार नहीं चलेगी नारेबाजी की।