संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के बैनर तले किसानों ने जिला मुख्यालय पर दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
धरने में बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। किसानों ने हरियाणा सरकार द्वारा मंडियों में लागू किए गए नए फसल खरीद नियमों का कड़ा विरोध जताया और इन्हें किसानों के हितों के खिलाफ बताया।
किसानों ने ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें रबी फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करना, आलू किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करना, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि क्षेत्र को शामिल न करना तथा किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना शामिल है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह धरना प्रदेश उपाध्यक्ष भाना राम सेगा और जिला प्रधान शमशेर कुंडू के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया।
जिला प्रधान शमशेर कुंडू ने कहा कि नए नियम इतने जटिल और अव्यावहारिक हैं कि इनके तहत तीन महीने में भी फसल की खरीद पूरी नहीं हो सकेगी। इससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
प्रदेश सलाहकार जसविंदर ढुल ने बताया कि गेट पास जारी करने की प्रक्रिया बेहद धीमी है। एक गेट पास बनाने में करीब 10 मिनट लगते हैं, जिससे पूरे दिन में लगभग 200 गेट पास ही जारी हो पाएंगे। इससे मंडियों के बाहर लंबा जाम लगने की आशंका है।
किसान नेता शेरा बेनीवाल ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के नियम किसानों को खेती से दूर करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष भाना राम सेगा ने कहा कि किसान पहले ही खराब मौसम के कारण नुकसान झेल रहे हैं और अब सरकार के फैसले उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहे हैं।
इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शेरा बेनीवाल, राजेश सिसला, गुलाब सिसला, रामेश्वर आजाद, लीला तितरम सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।