एफसीआई के अधिकारियों के साथ बैठक करते राइस मिलर्स। विज्ञप्ति
कैथल। इम्प्रूव्ड राइस की आगामी व्यवस्था के लिए नॉर्थ जोन के ईडी वेंकट रेड्डी की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली में बैठक आयोजित हुई। बैठक में भारतीय खाद्य निगम की ओर से 100 प्रतिशत इम्प्रूव्ड राइस लिए जाने के प्रस्ताव और इससे जुड़े व्यावहारिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में हरियाणा प्रदेश राइस मिलर एंड डीलर एसोसिएशन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने मिल मालिकों की ओर से पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्षों में इम्प्रूव्ड राइस के संबंध में मिल मालिकों को विशेष रूप से ब्रोकन के उठान, मिलिंग चार्ज और रखरखाव खर्च के लिए अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
ऐसे में आगामी सीजन में 100 प्रतिशत इम्प्रूव्ड राइस का कार्य तभी सुचारू रूप से किया जा सकता है, जब इन समस्याओं का ठोस समाधान पहले से सुनिश्चित किया जाए व एफसीआई में स्टैक बुकिंग का वेटिंग समय भी 15 दिनों के बजाय 48 घंटे किया जाए।
एसोसिएशन ने मांग रखी कि इम्प्रूव्ड राइस के लिए मिलिंग चार्ज कम से कम 35 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए जाएं। इसके साथ ही वर्तमान में दिए जा रहे लगभग 1.23 रुपये प्रति क्विंटल प्रतिमाह के रखरखाव खर्च को बढ़ाकर 10.70 रुपये प्रति क्विंटल प्रतिमाह किया जाए, ताकि मिल मालिकों पर पड़ने वाले वास्तविक खर्च की भरपाई हो सके।
बैठक में रजिंदर सिंह, डॉ. सतीश सैनी, परवीन बटार, मनीष बंसल, अजय अग्रवाल, फूड एंड सप्लाई की जॉइंट डायरेक्टर मेघना कंवर व अन्य रहे।