संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग के अधीन आने वाले कैथल और कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन को अंबाला रेल मंडल में जोड़ने की मांग उठी है। इस संदर्भ में रेल यात्री कल्याण समिति सहित अन्य रेल यात्रियों ने कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल को मांग पत्र सौंपा है। इस पर सांसद ने जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है।
दरअसल, नरवाना- कुरुक्षेत्र रेल मार्ग यात्री गाड़ियों की कमी से जूझ रहा है। इस समय कुरुक्षेत्र और कैथल के बीच दो गाड़ियों के बीच 10 घंटे का अंतराल है। इसको लेकर रेल यात्री कल्याण समिति ने यह मांग उठाई है। यही नहीं समिति ने दिल्ली मंडल पर रेल गाड़ियों के संचालन को लेकर उपेक्षा का आरोप भी लगाया है। सांसद ने समिति व रेल यात्रियों को इस दिशा में शीघ्र उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता और प्रधान बलवंत सिंह जाटान ने समिति की ओर से सांसद को भेजे गए पत्र से मांग कि है कि दिल्ली डिवीजन का क्षेत्रफल अधिक होने के कारण उस पर रेलवे ट्रैफिक का अधिक दबाव है। दिल्ली डिवीजन यूपी, हरियाणा, पंजाब आदि में अपनी सेवाएं दे रहा है। इसलिए उसका ध्यान कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग तरफ नहीं जाता। इस कारण ही यह अनदेखी हो रही है।
उन्होंने कहा कि रेल यात्रियों को अपनी कोई समस्या रखनी हो तो उन्हें दिल्ली जाना पड़ता है। इस मार्ग पर दिल्ली जाने के लिए दिन भर में केवल एक रेलगाड़ी उपलब्ध है। दिल्ली की दूरी कैथल से लगभग 200 किलोमीटर और कुरुक्षेत्र से 160 किलोमीटर के आसपास है। जबकि अंबाला डिवीजन कुरुक्षेत्र से महज 45 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा अंबाला डिवीजन का क्षेत्रफल भी काफी कम है और इस पर ट्रैफिक का दबाव भी अधिक नहीं है। इसलिए इस क्षेत्र में रेल सुविधाओं की जिम्मेदारी अंबाला डिवीजन को सौंपी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि सांसद नवीन जिंदल कुरुक्षेत्र को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए प्रयासरत है और उनके मार्गदर्शन में तिरुपति बालाजी मंदिर, इस्कॉन समेत अनेक धार्मिक स्थलों का निर्माण हुआ है। जनता के सहयोग से कुरुक्षेत्र की परिधि में स्थित पूरे 48 कोस के तीर्थों को बेहतरीन रेल और सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए वे प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने रेल यात्री कल्याण समिति को आश्वासन दिया है कि उनके मांग-पत्र पर प्राथमिकता से विचार करते हुए वे अधिकतम रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।