कलायत। मनरेगा मजदूरों की समस्याओं के संदर्भ में कलायत उपमंडल के चौशाला गांव में क्रांतिकारी मनरेगा मजदूर यूनियन की बैठक आयोजित की गई। इसमें मनरेगा मजदूरों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर मांग की कि उन्हें 100 दिन का काम, पूरे दाम दिए जाएं।
गांव की मेट ने बताया कि कलायत ब्लॉक में मनरेगा के काम के हालात बेहद बदतर है। यूं तो सरकार मनरेगा में 100 दिन के काम की गारंटी देती है लेकिन वह अपनी जुबान पर कहीं भी खरी नहीं उतरती। आंकड़ों के हिसाब से मनरेगा में काम की औसत लगभग 35 से 40 दिन भी बड़ी मुश्किल से पड़ती है। कमर तोड़ महंगाई से मजदूरों को परिवार चलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मजदूरों को गांव में भी किसी न किसी काम-धन्धे की जरूरत तो है ही। ऐसे में उनका सहारा केवल मनरेगा ही हो सकता है लेकिन मनरेगा में पहले से ही बजट की कमी और अधिकारियों की धांधली करने का आरोप लगता रहता है। अजय कुमार, आशु आदी ने कहा कि सरकार को मनरेगा के बजट, कार्यदिवस व दिहाड़ी में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
अजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा मनरेगा को बंद करने की है। इसलिए बैठक में तय हुआ है कि मनरेगा की जायज मांगों को लेकर मनरेगा विभाग का घेराव किया जाएगा। संवाद