पूर्व विधायक लीला राम। सोशल मीडिया
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- इनसो 15 अगस्त के बाद शुरू करेगी अभियान, इनसो प्रधान बोले % पहले सभी संगठनों को एक मंच पर लाने के प्रयास करेंगे
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कैथल। हरियाणा में छात्र संगठनों ने प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग तेज कर दी है। राज्य में करीब 28 साल से सीधे छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। वर्ष 2018 में अप्रत्यक्ष चुनाव कराए गए थे, लेकिन कई संगठनों ने उनका विरोध किया था।
छात्र राजनीति को नेतृत्व विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कैथल के पूर्व विधायक लीला राम का राजनीतिक सफर इसका एक उदाहरण है। वे 1985-86 में आरकेएसडी कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रहे थे। छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा। लीला राम वर्ष 2000 और 2019 में कैथल से विधायक चुने गए। उनके सफर से स्पष्ट है कि कॉलेज स्तर पर सक्रिय छात्र राजनीति युवाओं को नेतृत्व और संगठन का अवसर देती है। एनएसयूआई कैथल जिलाध्यक्ष अमन नायडू ने कहा कि छात्र संघ चुनाव तुरंत बहाल होने चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव नहीं होने से छात्रों की समस्याओं के लिए कोई निर्वाचित मंच नहीं है।
छात्र राजनीति का महत्व
छात्र संघ चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देते हैं। ये चुनाव छात्रों को अपने हकों और समस्याओं की आवाज उठाने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं। छात्र राजनीति से ही भविष्य के नेता तैयार होते हैं। पूर्व विधायक लीला राम का उदाहरण दर्शाता है कि यह युवाओं को सार्वजनिक मुद्दों पर काम करने का मौका देती है।
चुनाव बहाली के लिए अभियान
इनसो के कैथल जिलाध्यक्ष सुनील नरड़ ने बताया कि संगठन 15 अगस्त के बाद छात्र संघ चुनाव बहाली का अभियान शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की रणनीति छात्र संगठनों और विद्यार्थियों से बातचीत के बाद तैयार की जाएगी। सुनील नरड़ ने कहा कि छात्र संघ चुनाव होने से कॉलेजों में विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलेगा। छात्र संगठनों की मांग है कि विद्यार्थियों को सीधे अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार दिया जाए।
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