संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलिंडरों की बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति ने आम जनता के साथ-साथ संस्थानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वर्तमान में अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और शादी के आयोजनों के लिए 50 व्यावसायिक सिलिंडरों का कोटा निर्धारित है, जबकि मांग 110 से अधिक की बनी हुई है।
गैस एजेंसियों के पास रोजाना औसतन केवल 50 व्यावसायिक सिलिंडरों का ही स्टॉक पहुंच रहा है, जो शादियों के सीजन और संस्थागत मांग के चलते कुछ ही घंटों में खत्म हो जाता है। विशेष रूप से अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसे आवश्यक सेवाओं पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
एजेंसियों का कहना है कि ऊपर से आपूर्ति कम होने के कारण वे मांग पूरी करने में असमर्थ हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने संबंधित गैस कंपनियों को पत्र लिखकर जिले का कोटा बढ़ाने की सिफारिश की है। डीएफएससी वरिंद्र कुमार के
अनुसार वर्तमान कोटा जरूरतों के मुकाबले काफी कम है।पत्र में मांग की गई है कि मांग और आपूर्ति के अंतर को कम करने के लिए दैनिक सप्लाई में कम से कम 40 प्रतिशत की वृद्धि की जाए, ताकि शादियों और व्यावसायिक संस्थानों को राहत मिल सके।
उधर, घरेलू गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल करते हुए 8 सिलिंडर जब्त किए गए। गैस वितरण प्रणाली के इंचार्ज कुलदीप ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पकड़े गए लोगों पर जुर्माना लगाया गया है और भविष्य में सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गुहला चीका में बुकिंग के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं, एजेंसी पर लगी भीड़
गुहला चीका। गैस सिलिंडर संकट का असर बढ़ता जा रहा है। इंडेन गैस एजेंसी पर वीरवार को सुबह से ही लंबी कतारें लगीं, लेकिन इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर नहीं मिल सके। बुकिंग कराने के बाद भी लोग गैस के इंतजार में भटकते नजर आए।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त संख्या में सिलिंडर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। हालांकि सरकार और प्रशासन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि गैस सिलिंडर की कमी नहीं है, जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।
अवतार सिंह, यशपाल गर्ग, अमनदीप सिंह और जस्सी ने बताया कि कतार में कुछ बिचौलिए सक्रिय हैं, जो लोगों को लाइन से बचाने का लालच देकर 200 रुपये की मांग कर रहे हैं। इन बिचौलियों का दावा है कि वे सीधे गोदाम से सिलिंडर दिला सकते हैं।
गांव दाबा के कुलदीप सिंह ने बताया कि उनके घर सिलिंडर डिलीवर नहीं हुआ, लेकिन मोबाइल पर संदेश आ गया कि गैस सिलिंडर पहुंचा दिया गया है। इस तरह की गड़बड़ी से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ रहा है। संवाद
जिनकी ऑनलाइन बुकिंग हो चुकी है उन्हें सिलिंडर डिलीवर किया जा रहा है। गैस की कोई कमी नहीं है बावजूद इसके लोग सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइनें लगा रहे हैं। -शौकत अली, मैनेजर, इंडेन गैस एजेंसी चीका।