कैथल। स्वास्थ्य विभाग जिले के पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। इन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अलग से कक्ष बनाया जाएगा। इन केंद्रों में जच्चा-बच्चा की जांच करने के लिए अलग से रेडिएंट वॉर्मर लगाए जाएंगे। इस एक रेडिएंट वॉर्मर की कीमत 70 हजार रुपये है। ये रेडियेंट वार्मर जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए निक्कू वार्ड में रखे गए वार्मर की तरह ही कार्य करते हैं। इसके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी कम होगी। इस समय इन केंद्रों में केवल गर्भवती महिलाओं की जांच ही की जाती है जबकि यहां पर अभी तक डिलीवरी नहीं होती है। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र गर्ग ने कहा कि विभाग जल्द ही पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी प्वाइंट स्थापित करेगा। इसके लिए सात लाख रुपये के रेडियेंट वार्मर भी खरीदे गए हैं। जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा।
अस्पताल पड़ते हैं दूर, इसलिए लिया फैसला
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी प्वाइंट बनाए जाने हैं। वह केंद्र खंड मुख्यालय में स्थापित सरकारी अस्पतालों से तीन से पांच से दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। इस कारण ही यहां पर डिलीवरी प्वाइंट बना यहां पर रेडिएंट वार्मर लगाने का फैसला लिया है।
यहां बनने हैं डिलीवरी प्वाइंट
1. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरनौली, चीका।
2. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अगौंध, चीका।
3. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरल, पूंडरी।
4. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सजूमा, कैथल।
5. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पटेल नगर, कैथल।
यह होता है वॉर्मर
रेडिएंट वॉर्मर में प्री मेच्योर और कम वजन वाले नवजात को रखा जाता है। ही बच्चा जब एनीमिक होता है फिर भी इसी में रखते हैं। वही फोटो थेरेपी मशीन में उन नवजात को रखा जाता है जिनको ज्वाइंडिस हो जाता है। इस मशीन में अल्ट्रावाइब्रेंट किरणें निकलती हैं जो ज्वाइंडिस ठीक करने में मदद करती है।