संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) लागू की गई है। इसके तहत प्रदेश के गरीब परिवारों में छह से 60 साल की आयु तक के किसी व्यक्ति की मृत्यु होने अथवा दिव्यांग होने पर आर्थिक मदद दी जाएगी। यह जानकारी डीसी प्रीति ने दी।
उन्होंने कहा कि इस योजना के दायरे में एक लाख 80 हजार रुपये तक की आय वाले परिवार आएंगे। ऐसे परिवारों में एक अप्रैल 2023 से किसी की मृत्यु हुई है या 100 प्रतिशत दिव्यांग हुआ है तो वह परिवार इस योजना का पात्र माना जाएगा।
आवेदन के लिए परिवार के पास पीपीपी होना जरूरी है। यदि परिवार में किसी की एक्सीडेंट या प्राकृतिक मृत्यु हुई है, तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। यदि एक्सीडेंट में दिव्यांग हुआ है तो उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र, अस्पताल के डिस्चार्ज के दस्तावेज और एफआईआर की कॉपी जरूरी है।
डीसी प्रीति ने कहा कि दयालु योजना का मुख्य उद्देश्य पीडि़त परिवार की आर्थिक सहायता करना है, जिससे उन्हें सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र में जो बैंक खाता नंबर दिया हुआ है, उसी में सहायता राशि को भेजा जाएगा। दुर्घटना होने के तीन माह के भीतर इस योजना के तहत आवेदन करना आवश्यक है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने दयालु पोर्टल बनाया हुआ है। जिस पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
डीसी प्रीति ने कहा कि दयालु योजना के तहत गरीब परिवारों के छह से 12 साल तक के बच्चे की मृत्यु या 100 प्रतिशत दिव्यांग होने पर एक लाख रुपये दिए जाएंगे, इसी प्रकार से 12 से 18 वर्ष की आयु पर दो लाख रुपये, 18 से 25 तक तीन लाख रुपये, 25 से 45 की आयु पर पांच लाख रुपये और इसके बाद 60 साल की आयु पर तीन लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।