जाट आरक्षण आंदोलन के लिए दिल्ली कूच के आह्वान पर रविवार को दिन भर प्रशासन की सांसें अटकीं रहीं। शाम के समय दिल्ली में हुई सरकार के साथ बातचीत के बाद दिल्ली कूच स्थगित होने पर राहत भरी खबर आई और प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं समिति ने ऐलान किया है कि अब 26 मार्च को जींद में कार्यकारिणी की बैठक के बाद आंदोलन की अगली रुपरेखा तैयार की जाएगी।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा सोमवार को अपनी मांगों के लिए दिल्ली कूच का आह्वान किया गया था। जिसके लिए प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वे अपने घरों से बाहर ना निकलें, ट्रैक्टर-ट्रालियों में डीजल ना भरने सहित कई कदम उठाते हुए धारा 144 लागू कर दी गई थी। इसके साथ ही रविवार को सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। रविवार सुबह से ही सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट उनके साथ तैनात किए गए पुलिस अधिकारियों के साथ अपने-अपने एरिया में पहुंच गए। दिन भर लोगों को किसी भी प्रकार के आंदोलन में भाग ना लेने के लिए प्रेरित करते रहे। वहीं डीसी संजय जून ने अपने कार्यालय में जिले भर की सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें मांगें माने जाने के बाद किसी भी तरह के आंदोलन में भाग ना लेने की अपील की।
दोपहर के समय फतेहाबाद में हुई हिंसा की सूचनाएं मिलने पर एक बार फिर पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था। वहीं सेना व पुलिस के जवानों को भी हर स्थिति से निपटने के लिए आदेश जारी किए गए थे। इसी बीच सांय के समय सरकार के साथ बातचीत के बाद दिल्ली कूच का फैसला स्थगित करने पर पूरे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने बताया कि दिल्ली जाने वालों में उनके साथ प्रवीण किच्छाना, भूपेंद्र जैलदार भागल व करनैल सिंह एडवोकेट भागल शामिल रहे। सभी मांगें माने जाने पर फैसला लिया गया है कि दिल्ली कूच के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। कुछ धरने जारी रहेंगे। वहीं कुछ धरनों को स्थगित कर दिया जाएगा। 26 मार्च को जींद में कार्यकारिणी की बैठक होगी। जिसमें प्रत्येक जिले से 50 से लेकर 100 लोग आएंगे। इसके बाद अगला फैसला लिया जाएगा। सरकार द्वारा मानी गई मांगों पर हुए काम की समीक्षा की जाएगी। जब समिति को लगेगा कि मांगें मानी जा रही हैं तभी धरने खत्म करेंगे।
50वें दिन भी जारी रहा धरना:-
गांव देवबन कैंची चौक पर जाट आरक्षण व अन्य मांगो को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा दिए गए धरना 50वें दिन भी जारी रहा। रविवार को धरने की अध्यक्षता गांव जाखौली की ओमपती देवी ने की। धरने को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य संजय जागलान और प्रेस प्रवक्ता भरत सिह बैनीवाल ने कहा कि जाट संघर्ष समिति को सरकार दबाने की कोशिश कर रही है। कैथल के पूर्व डीसी फतेह सिह डागर, मास्टर अजमेर हरसौला व जोगी राम मलिक, जवाहरमल, हरिपाल, बिल्लू चंदाना, राजा किच्छाना, जोगिंद्र कसान, दलिया बालू, कर्मा कसान, बलजीत चंदाना, बनी सिह संधू, निर्मला, मियां सिंह, ओमप्रकाश, भतेरी, प्रकाशो, निर्मला सहित जाट समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
अनाज मंडी में पूरा दिन तैनात रही पुलिस व जवानों की टुकडियां
राजौंद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा 20 मार्च को दिल्ली कूच के आह्वान के चलते राजौंद थाने में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डा जितेंद्र अहलावत व डीएसपी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि किच्छाना कूई व राजौंद अनाज मंडी के सामने तथा असंध रोड़ नहर पर पुलिस फोर्स के साथ साथ जवान की टुकड़ी भी तैनात की गई है। इससे पूर्व नगराधीश विरेंद्र सांगवान ने राजौंद खंड की पंचायती राज संस्थाओं तथा सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक ली तथा उन्हें दिल्ली कूच में शामिल होने वाले लोगों को इसमें शामिल न होने के लिए राजी करने को कहा। इस अवसर डीएसपी जोगेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजबीर सिंह, इंस्पेक्टर नीतिन राणा, रामफल सिंह, थाना प्रभारी रामकुमार राजौंद में सभी गतिविधियों पर नजर रखे हुए रहे।
सुरक्षा रही चाक चौबंद, वाहनों की गहनता से की जांच
सीवन। जाट आंदोलन के चलते कस्बा में पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद रही। सीवन में कैथल पटियाला मुख्य मार्ग पर पुलिस का नाका लगा रहा और आने जाने वाले वाहनों की गहनता से जांच की गई। क्षेत्र में शनिवार से इंटरनेट सेवाएं भी बंद पड़ी हैं। थाना प्रभारी जितेंद्र ने बताया कि जाट आंदोलन के लिए पुलिस पुरी तरह से चौकस है और हर प्रकार से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आने जाने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना और असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सके।