संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। डीएपी खाद नहीं मिलने के कारण सोमवार को दूसरे दिन भी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। गेहूं, सरसों व आलू की बिजाई के लिए किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है। खाद लेने के लिए किसान सुबह ही सहकारी समिति कार्यालय के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो गए लेकिन शाम तक भी उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो सका।
किसान मलकीत सिंह, पाला राम, पवन कुमार, हरिकेश, नरसिंह सींह, विक्की खरौदी, राजेंद्र नेवल व रामकुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि सोमवार को डीएपी खाद के करीब 500 बैग ऑपरेटिव सोसाइटी पर पहुंचेंगे। किसानों ने बताया कि वे सुबह ही लाइनों में लग गए थे लेकिन शाम तक उन्हें खाद नहीं मिल पाया।
डीएपी खाद का उपयोग धान में कल्ले बढ़ाने में आवश्यक होता है। माना जाता है कि मिट्टी में मिलकर यह उसमंें घुल जाती है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है।
नाराज किसानों ने कहा कि डीएपी खाद नही मिलने से सरसों, आलू व गेहूं की बिजाई का काम प्रभावित हो रहा है। किसानों ने बताया कि यदि बिजाई के समय खाद नहीं डाला गया तो पैदावार कम हो सकती है। खाद ना मिलने के बाद किसानों ने एक लिखित शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों को दी है।
किसानों को एक दिन पहले खाद उपलब्ध करवाया गया था। एक दो दिनों में ही बड़ी मात्रा में खाद सभी सोसाइटियों में पहुंच जाएगा। हर एक किसान को उसकी जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि उसे फसल की बिजाई करने में कोई दिक्कत ना आए। सरकार के पास खाद की काई कमी नहीं है।
- कंचन कुमारी, एसडीओ कृषि विभाग चीका।