संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/सीवन/ढांड। जिलेभर में वीरवार को झमाझम बारिश हुई। सीवन और ढांड में खेतों में धान की फसल बिछने से नुकसान का अंदेशा जताया गया है। सब्जी की फसल को भी क्षति पहुंची है। दूसरी ओर पछेती धान के लिए बारिश को फायदेमंद बताया जा रहा है।
उधर, बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली। किसानों के चेहरे पर भी खुशी लौट आई। मौसम विभाग के आंकड़ों अनुसार जिले की औसत बारिश 25.4 एमएम दर्ज की गई। वीरवार अलसुबह आसमान में काले बादल छा गए। फिर हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब सात बजे तेज बारिश शुरू हुई।
इसके बाद दिनभर रुक-रुककर बारिश जारी रही। शहर में बारिश होने के कारण सड़कें व अनाज मंडी में भी जलभराव हो गया। राहगीरों को पानी से ही होकर अपने गतंव्य तक पहुंचना पड़ा। बारिश रुकने के करीब दो घंटे बाद बारिश का पानी सड़कों से उतरा और आवागमन का सुचारू रूप से संचालन हुआ।
नालों की सफाई नहीं होने के कारण प्रशासन की व्यवस्था भी ठप रही। नालों में गंदगी एकत्रित हाने के कारण पानी की निकासी अच्छे से नहीं हो सकी। नतीजा, कई जगह जलभराव हो गया।
उधर, बारिश के बाद तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज हुई। अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। इस सीजन में बारिश अच्छी नहीं हो रही थी। इस कारण किसान परेशान हो चुके थे। कई जगह पछेती धान की फसल सूख गई थी। अब किसानों की पछेती धान, बाजरा, कपास व हरा चारा को फायदा मिलेगा।
किसान रामेश्वर, बलबीर व राजेंद्र ने बताया कि अब फसल अच्छी तैयार होगी। इससे पहले बारिश न होने के कारण खर्च किसानों को ज्यादा वहन करना पड़ रहा था। धान की फसल में पता लपेट व गोभ वाली सूंडी जैसी बीमारी लगने का भी खतरा ज्यादा हो रहा था। अब फसलों में बीमारियां भी कम आएंगी।
उधर, सीवन क्षेत्र में देर रात करीब एक बजे से शुरू हुई बारिश वीरवार को पूरा दिन जारी रही। कभी तेज और कभी हल्की बूंदाबांदी दिनभर होती रही। दिनभर बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या भी काफी प्रभावित हुई। सुबह के समय तेज हवा और बरसात के कारण धान की अगेती फसलों को नुकसान हुआ है।
सोमवार शाम को हुई बारिश के कारण धान की 1509 व 1692 किस्म खेतों में बिछ गई थी और अब उस बिछी हुई धान की फसल को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। इसका सीधा असर इसके पैदावार पर होगा। इसके साथ ही जो धान इस समय निसारे पर है उसमें भी नुकसान है। सब्जी की फसल को इस बारिश के कारण नुकसान झेलना पड़ रहा है।
क्षेत्र के किसान सुरेेंद्र सरदाना, सतीश सरदाना, राजेश रहेजा, जरनैल सिंह, गुरदयाल सिंह, सुरेश, नरेन्द्र, सतीश व अन्य ने बताया कि इस बरसात के कारण अगेती सब्जी जोकि अब किसानों द्वारा काश्त की गई है उसे भारी नुकसान हुआ है। इस समय अगेती गोभी, टमाटर, खीरा, बैंगन आदि की काश्त की जा रही थी। इन फसलों में नुकसान अधिक है।
जिन किसानों ने अगेती सब्जी की तैयार करनी थी या नेट हाउस में खीरा, टमाटर या शिमला मिर्च लगानी थी वह भी कम से कम 15 दिनों के लिए काम रुक गया है। यह काम अब 2 सप्ताह के बाद आरंभ होगा। यदि आगे ओर भी बारिश होती है तो नुकसान बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जो धान पिछली बारिश में खेतों में बिछ गई थी उसमें पानी खड़ा होने के कारण दाने को नुकसान है। सीवन व आस पास के क्षेत्र में किसानों ने अगेती धान 1509 व 1692 किस्म लगाया हुआ है। बारिश के बाद काफी क्षेत्र में धान की यह किस्में बिछ गई हैं।
दूसरी किस्म को भी नुकसान हुआ है जो अब निसारे पर थी या जिनकी बालियां निकल रही थी। इस बरसात के कारण धान का दाना काला हो जाएगा जिससे किसानों को नुकसान होगा।
दो दिनों से हो रही बारिश किसानों के लिए फायदेमंद रहेगी। किसानों को फसलों में सिचाई करने की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी। किसान आगामी तीन चार दिनों तक खेतों में पानी न लगाए। सुबह व शाम खेतों की देखभाल करें। कपास में ज्यादा पानी एक जगह एकत्रित न होने दें। -डॉ. रमेश चंद्र, मौसम समन्वयक विज्ञान केंद्र कैथल।