सीवन। गोविंदगढ़ गांव में कृषि क्षेत्र में हो रही अंधाधुंध पेस्टीसाइड के चलन पर किसानों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें कर्तव्यम पे बैंक फाउंडेशन से डॉ. मुकेश कुमार और कृषि विभाग से खंड कृषि विकास अधिकारी डाॅ. रामपाल रंगा ने शिरकत की। डाॅ. मुकेश ने कहा कि अंधाधुंध पेस्टीसाइड से फसलों को नुकसान होता है। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीट को नियंत्रित करने से पहले मैकेनिकल, दूसरा फिजिकल, तीसरा बायोलॉजिकल और चौथा कैमिकल का तरीका होता है लेकिन किसान सिर्फ आखिरी तरीका अपना रहा है। उन्होंने बताया कि किसान गुलाबी सुंडी को देखकर स्प्रे करता है जो की बिलकुल गलत तरीका है। किसानों को पहले फेरोमोन ट्रैप लगाने होते हैं। ट्रैप दो तरह से लगाए जाते हैं। एक तो कीट के मॉनिटरिंग के लिए दूसरा कंट्रोल करने के लिए। मॉनिटरिंग के लिए किसान फेरोमोन ट्रैप एक एकड़ में पांच लगा सकते हैं। संवाद