संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। राजकीय स्कूल चीका में रखे जाने वाले वीटा बूथ की खिड़की मुख्य सड़क पर निकाले जाने पर स्थानीय लोगों की ओर से किए गए विरोध के बाद सोमवार को डेयरी विभाग के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक देवेंद्र त्यागी व एक अन्य अधिकारी ने चीका स्कूल पहुंच पूरे मामले की जानकारी ली।
इन अधिकारियों ने बूथ रखने पर उठे विवाद के संबंध में स्कूल प्रधानाचार्य अशोक कुमार व एसएमसी प्रधान कुलदीप सिंह से बात की। प्रधानाचार्य ने डेयरी विभाग के अधिकारियों को बताया कि स्कूल में दूध का बूथ रखे जाने पर शिक्षा विभाग से जो पत्र प्राप्त हुआ है उसमें बूथ की खिडक़ी मुख्य सड़क पर खोले जाने के संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसी बात पर स्थानीय लोग विरोध जता रहे हैं, जिसके चलते बूथ रखने के काम को रुकवाया गया है। कहा कि पूरा मामला स्पष्ट होने के बाद ही स्कूल में बूथ रखवाया जाएगा।
स्कूल नहीं चाहते तो सड़क पर नहीं रखी जाएगी खिड़की : चीका स्कूल पहुंचे डेयरी विभाग के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक देवेंद्र त्यागी ने बताया कि करनाल, कुरुक्षेत्र व कैथल लले के 21 स्कूलों में वीटा दूध के बूथ खोले जाने हैं। ये बूथ केवल स्कूली बच्चों के लिए है। इन बूथों की खिड़की सड़क पर खोले जाने को लेकर विभाग के लिखित आदेश नहीं है। यदि कोई स्कूल सड़क पर खिड़की नहीं रखवाना चाहता तो विभाग जबरदस्ती खिडक़ी नहीं खुलवाएगा।
मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
इस मामले पर विरोध जताते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट दलबीर नैन, जगजीत सिंह, रिंकू, नरेश कुमार व पाला ने कहा कि स्कूलों में दूध के बूथ रखने की आड़ में कुछ लोग स्कूल की जमीन पर कब्जा करने की फिराक में हैं। इन लोगों ने कहा कि वे बूथ रखने के पक्ष में हैं लेकिन इस आड़ में स्कूल की जमीन पर किसी भी सूरत में कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में जल्द ही उच्च अधिकारियों के साथ साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिख पूरे मामले को उनके संज्ञान में लाएंगे और ऐसे लोगों पर नकेल कसने की मांग करेंगे।