चौशाला गांव में पशु डेयरी ध्वस्त होने से अफरा-तफरी मच गई। तेज धमाके की आवाज सुनकर हर कोई सहम गया और बचाव के लिए इधर-उधर दौड़ पड़ा। इस हादसे में करीब दो दर्जन पशु जहां बुरी तरह से जख्मी हो गए। वहीं छह कटड़ियों की मौत हो गई।
हादसे का कारण प्रभावित किसान निर्मल ने बरसात को बताया। उसका कहना है कि स्वरोजगार के लिए उसने उधारी लेकर डेयरी स्थापित की थी। सोमवार को डेयरी ढह गई और मलबे में पशु दब गए। भारी मलबे के नीचे फंसे पशुओं की जान बचाने के लिए ग्रामीणों ने भारी मशक्कत की।
कई घंटे चले बचाव कार्य में प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल पाई। सहायता न मिल पाने के कारण पशुधन ने दम तोड़ गया। जबकि बड़ी संख्या में पशु जख्मी हो गए। किसान ने बताया कि इसकी भरपाई का उनके पास कोई विकल्प नहीं है। चौशाला गांव के सरपंच बलदेव सिंह ने बताया कि वे ग्राम पंचायत के कार्य से चंडीगढ़ में है। ग्राम पंचायत नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन को पत्र लिखेगी।