संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। नगर में सुबह के समय बसों की संख्या बहुत कम होने के कारण दैनिक यात्रियों को परेशानी होती है। इसके साथ ही नगर में कोई बस अड्डा न होने और न ही कोई बस शेल्टर बना होने के कारण भी यात्रियों को दिक्कत होती है।
सुबह के समय स्कूल व कालेज जाने वाले बच्चों की संख्या अधिक होती है। इसके साथ ही काम पर जाने वाले दैनिक यात्री भी बहुत अधिक हैं। ऐसे में यात्रियों को लंबे समय तक बस का इंतजार करना करनी पड़ती है। इसमें खास तौर पर काॅलेज व स्कूल में जाने वाली छात्राओं को परेशानी होती है।
पहले सीवन से महिलाओं के लिए सुबह के समय एक विशेष बस चलाई गई थी। यर बस सीवन से कैथल के लिए जाती थी। बाद में उसे चीका से कैथल कर दिया गया। इसके बाद बस बंद कर दी गई है। अब सीवन से सीधा कैथल के लिए महिलाओं के लिए कोई विशेष बस न होने के कारण महिलाओं को दिक्कत हो रही है।
यदि वह बस दोबारा से चलाई जाती है तो भी महिलाओं को कुछ सुविधा हो सकती है। इससे भीड़ में भी कमी आ सकती है। सुबह के समय यात्रियों की संख्या बहुत अधिक होती है। जो बसें सुबह के समय सीवन से कैथल की ओर जाती हैं उनमें बहुत अधिक भीड़ होती है और कई बार यात्रियों को बसों के दरवाजों में लटक कर या बसों की छत पर बैठ कर अपनी जान जोखिम में डाल कर यात्रा करनी पड़ती है।
ऐसे में स्कूल कालेज जाने वाले बच्चों और काम पर जाने वाले यात्रियों को दिक्कत होती है। दूसरा नगर में बस अड्डा न होने और यात्रियों को इंतजार के लिए कोई शेल्टर आदि न बना होने के कारण यात्रियों को बरसात के दिनों में भी खुले में खड़े हो कर भीगते हुए बस का इंतजार करना पड़ता है। दैनिक यात्रियों व नगर निवासियों की मांग है कि सुबह के समय बसों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए।