राइस मिलर्स को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। एक माह से बंद पड़ी चावल की डिलीवरी शुरू हो गई है। इसके लिए मिलर्स ने हरियाणा व केंद्र सरकार का आभार जताया है। हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने एक होटल में आयोजित मिलर्स की बैठक में बताया कि 28 फरवरी को आए एक निर्देश के बाद मिलर्स द्वारा एफसीआई को दिए जाने वाले चावल की डिलीवरी पर रोक लग गई थी। जिस कारण न केवल मिलर्स बल्कि सरकार को भी नुकसान हो रहा था। इसके लिए सरकार ने फोर्टिफाइड चावल देने की शर्त रखी थी। फोर्टिफाइड चावल के लिए 100 किलो चावल में एक किलो वह चावल मिलाकर देना होता है, जिसमें विटमिन व अन्य मिनरल मिले होते हैं। हरियाणा में मिलों में एकदम से ऐसे आदेशों के पालन के लिए न तो मशीनें हैं और न ही अन्य सुविधाएं। सरकार ने प्रति क्विंटल 73 रुपये देने का फैसला तो कर लिया, लेकिन बाजार में इसकी कीमत करीब 90 रुपये पड़ रही है। जिस कारण सांसद नायब सैनी, सांसद संजय भाटिया, चेयरमैन कैलाश भगत, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, सीएम मनोहर लाल, केंद्रीय जल मंत्री रतन लाल कटारिया, केंद्रीय खाद्य राज्यमंत्री राव साहब पाटिल दानवे व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर से मिले। सभी नेताओं ने मिलर्स की बात विस्तार से सुनीं और मिलर्स की समस्या को समझते हुए अप्रैल माह तक इस नियम से छूट देने का फैसला लिया। इसके साथ ही शुक्रवार से एक माह से बंद पड़ी चावल की डिलीवरी शुरू हो गई। जिससे पूरे प्रदेश के मिलर्स को राहत की सांस मिली है। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष सचिन मित्तल, महावीर गर्ग, डा. सतीश सैनी, बलकार सिंह, ओमप्रकाश व अन्य मिलर्स मौजूद रहे।