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एक साल पहले आए पहले केस से सन्न रह गया था पूरा शहर

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नसीब सैनी
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कैथल। पिछले साल चार अप्रैल को जिले में पहला कोरोना का मामला सामने आया था। सिरटा रोड स्थित कालोनी निवासी सफी मोहम्मद उस समय तब्लीगी जमात दिल्ली में भाग लेकर कैथल लौटा था। उसने आते ही अपना कोरोना टेस्ट करवाया। जिसमें 4 अप्रैल को वो कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। जिसके बाद पूरा शहर सन्न रहा गया था व लोगों में दहशत माहौल था। उसके बाद से लेकर आज तक जिले के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक लंबी लड़ाई लड़ी है। यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इसीलिए आपको सचेत होने की आवश्यकता है।
पिछले साल की यादें ताजा की जाएं तो जिले में 24 मार्च को पहला लॉकडाउन लगा था। तब तक देश में कई जगहों पर कोरोना के केस सामने आ चुके थे। कैथल जिले में पहला कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद पूरे शहर में सन्नाटा पसर गया था। लोगों में उस समय दहशत फैली हुई थी। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पहला केस आते ही सिरटा रोड पर दोनों ओर एक-एक किलोमीटर के एरिया को सील करते हुए बफर जोन बना दिया गया था। इसके बाद पॉजिटिव केस के घर के दोनों ओर 500-500 मीटर तक के एरिया को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया था। इस एरिया में किसी भी फेरी वाले तक के प्रवेश पर प्रतिबंध था। फूड विभाग व नगर परिषद की ओर से आवश्यक खाद्य व जरूरत की वस्तुएं पहुंचाई गई थीं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 1500 घरों में घर-घर जाकर कोरोना के लक्षणों की जांच की गई थी। जिसमें यहां मदरसे के 25 बच्चे भी शामिल थे। इन बच्चों में से बाद में एक बच्चा पॉजिटिव आया था। चिकित्सकों ने दोनों को मानसिक मजबूती के लिए लगातार समझाया। साथ ही जिला अस्पताल से आदेश मेडिकल कॉलेज अंबाला भेज दिया गया था। इसके बाद 10 दिन तक गुहला में क्वारंटीन सेंटर में रखा। 23 अप्रैल को पहले पॉजिटिव आए व्यक्ति सफी मोहम्मद को घर पहुंचना नसीब हो पाया था। इसके बाद भी 27 मई को पहले कंटेनमेंट जोन को खत्म किया गया था।
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काफी दुख भरा समय रहा : सफी
पहले पॉजिटिव आए व्यक्ति सफी मोहम्मद ने कहा कि यह उनके लिए काफी दुख भरा समय रहा। लेकिन खुदा की इबादत में दिन बिताते रहे और मन को मजबूत रखा। खुदा पर भरोसा रखा। वे केवल पॉजिटिव आ गए थे, अन्यथा उन्हें जुकाम तक नहीं हुआ था। वे पूरी तरह से स्वस्थ रहे। लेकिन जिस तरह से बीमारी का खौफ था, उससे पूरे परिवार को काफी मुश्किल समय गुजारना पड़ा। सभी को चाहिए कि वे कोरोना के प्रति सजग रहें।
पूरे साल किया संघर्ष
इसके बाद कई लॉकडाउन लगे। भोजन वितरण, मास्क वितरण, सैनिटाइज वितरण सहित जागरूकता अभियान चले। जिले में डीसी सुजान सिंह की अगुवाई में प्रशासन, सीएमओ डा. ओमप्रकाश की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग सहित पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में पुलिस की टीमों ने कोरोना केस, उनके संपर्क के लोगों को ढूंढ कर उन्हें क्वांरटीन करते हुए कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद की। वहीं सामाजिक संस्थाओं ने भोजन सहित अन्य सुविधाएं देकर मानवता की सेवा की। उस माहौल को देखते हुए आज आपको सजग होने की आवश्यकता है। अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। अभी कोरोना के खिलाफ जंग जारी है।
सीएमओ डा. ओमप्रकाश ने कहा कि जिस तरह से पूरे साल जिले के लोगों ने कोरोना के खिलाफ जंग लड़ी है, उसके लिए सहयोग के लिए वे सभी का आभार व्यक्त करते हैं। आगे भी अपील है कि इस महामारी से लड़ने के लिए एकजुट रहें। नियमों का पालन करें।
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डीसी सुजान सिंह यादव ने कहा कि एक साल में कैथल में कोरोना को लेकर हमने काफी नियंत्रण पाया है। हम उन सभी लोगों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्हें हमने इस महामारी के कारण खो दिया है। साथ ही जिले के लोगों से अपील है कि अभी कोरोना को हल्के में न लें। सजग रहें। आपकी जागरूकता ही कोरोना को खत्म कर सकती है।
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