स्वास्थ्य विभाग में चल रहे नेशनल हेल्थ मिशन में भर्ती कर्मचारियों के खिलाफ की गई सीएम विंडो पर शिकायत में कार्रवाई करते हुए विभाग ने दो कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया है। एक कर्मचारी खुद नौकरी छोड़कर चला गया। जबकि डीपीएम के खिलाफ एसडीएम द्वारा की गई शिकायत के बाद विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया है।
आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल रसूलपुर ने बताया कि उसने शिकायत दी थी कि कुछ कर्मचारी अयोग्य हैं और उनके द्वारा भर्ती के समय प्रस्तुत किए गए कागजात फर्जी हैं। इस शिकायत की जांच एसडीएम संजय कुमार ने की। जिसमें डीईआईसी मैनेजर वीरेंद्र कुमार की डिग्री फर्जी पाई गई। वहीं एक चतुर्थ श्रेणी महिला अंगूरी देवी को बिना किसी विज्ञापन के नौकरी पर रखा गया। एक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पूनम रामा कॉलेज ऑफ नर्सिंग कुतुबपुर से नौकरी के साथ-साथ नियमित कोर्स कर रही थी। सीएमओ ने दोनों कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी किए हैं। वहीं एक अन्य महिला कर्मचारी रेखा खुद ही अपना काम छोड़ गई है। वहीं डीपीएम द्वारा अपने कांट्रेक्ट रिन्यू के समय सीबीआई में दर्ज केस को छुपाने के कारण एसडीएम ने निलंबित या टर्मिनेट करने की सिफारिश की है।
सीएमओ डा. ओमप्रकाश ने बताया कि डीपीएम नरेंद्र कुमार को लेकर एसडीएम द्वारा की गई सिफारिश पर कार्रवाई के लिए विभाग मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है।