कैथल। ग्यारह महीने बाद तीसरी से पांचवीं कक्षा के लिए स्कूल बुधवार को खुले। पहले दिन स्कूलों में महज 15 प्रतिशत विद्यार्थी ही पहुंचे। स्कूल खुलने के बाद मासूम बच्चों में काफी उत्साह दिखा। विद्यालयों के मुख्य गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बच्चों ने बताया कि कोरोना खुद को साफ-सुथरा रखना सीखा गया। वे पहली बार विद्यालय में मास्क डालकर पहुंचे हैं। इससे पहले कभी मास्क व सैनिटाइजर के बारे में पता भी नहीं था। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों से बाहर विद्यार्थियों का डाटा एकत्रित करवाने के लिए के जिलाभर से साढ़े तीन हजार शिक्षकों की घर-घर जाकर सर्वे में ड्यूटी लगाई हुई। इसके कारण पहले दिन बच्चे अध्यापकों के इंतजार में बैठे रहे।
बुधवार को खुराना रोड स्थित नानकपुरी कालोनी में राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में पहले दिन दस से पंद्रह प्रतिशत बच्चे पहुंचे। यहां पांचवीं कक्षा में 48 विद्यार्थियों में से 16 विद्यार्थी पहुंचे। स्कूल हेड मास्टर फूलसिंह ने बताया कि विभाग की ओर से स्टाफ की सर्वे में ड्यूटी लगाई गई। -संवाद
प्राइमरी स्कूल, नहर कालोनी
करनाल रोड स्थित नहर कालोनी के प्राइमरी स्कूल में 31 विद्यार्थियों में से पहले दिन 4 बच्चे ही पहुंचे। हेड मास्टर बलबीर सिंह ने बताया कि यहां दो अध्यापक हैं।
हुडा-19 स्थित राजकीय मिडिल स्कूल
हुडा सेक्टर-19 में स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक 201 विद्यार्थियों में से 48 बच्चे पहुंचे। स्कूल इंचार्ज पिंकी देवी ने बताया सर्वे का कुछ कार्य मंगलवार को किया गया था। बुधवार को पूरा स्टाफ स्कूल में उपस्थित है।
राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल हरसोला बस्ती
हरसोला बस्ती स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में भी पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही। कक्षा तीसरी में 55 विद्यार्थियों में से 07 विद्यार्थी व कक्षा चौथी में 42 में 07 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। इंचार्ज कमलेश ने बताया कि छह अध्यापकों की सर्वे में ड्यूटी लगाई गई है।
अमरगढ़ गामड़ी स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय
अमरगढ़ गामड़ी में स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में भी विद्यार्थियों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत रही। यहां भी अध्यापकों की सर्वे में ड्यूटी होने के कारण सभी कक्षाओं के बच्चों को एक ही कक्षा में बैठाया गया।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला पट्टी अफगान
राजकीय प्राथमिक पाठशाला पट्टी अफगान में 400 में से लगभग 200 विद्यार्थी पहुंचे। स्कूल इंजार्च हवासिंह ने बताया विभाग ने वार्डों में सर्वे के लिए स्टाफ की ड्यूटी लगाई हुई है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए चार अध्यापकों की स्कूल में ही ड्यूटी लगाई हुई है।
विभागीय आदेशानुसार सर्वे का काम करवाया जा रहा है। दस दिन में यह काम पूरा हो जाएगा, इसके बाद समस्या नहीं रहेगी। स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए जाएंगे कि वे स्कूल में आवश्यक स्टाफ की ड्यूटी लगाए।
अनिल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में जाकर बच्चों के ज्ञान को परखा
अध्यापकों को दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ग्यारह महीने बाद खुल प्राइमरी स्कूलों में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने खुद जाकर निरीक्षण किया। शहर के दर्जनों स्कूलों में बच्चों के ज्ञान को परखा व अध्यापकों को निर्देश दिए। अधिकारी के दौरे की सूचना पाकर स्कूलों में स्टाफ सदस्यों में हड़कंप मचा गया। सबसे पहले डीईईओ जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। इसके बाद देवीगढ़ स्थित राजकीय विद्यायल में पहुंचे, जहां पर काफी अव्यवस्थाएं मिलीं। डीईईओ ने अध्यापकों को निर्देश देते हुए कहा कि आपका कार्य बच्चों को पढ़ाने का है। लंबे समय बाद बच्चे स्कूल पहुंचे है। इनको पढ़ाई से जोड़ो। इसके बाद अमरगढ़ गामड़ी स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। यहां स्कूल मुखिया से प्रत्येक कक्षा में बच्चों की उपस्थिति के बारे में जानकारी जुटाई। साथ ही कक्षाओं में जाकर बच्चों के ज्ञान के बारे में परखा। डीईईओ ने कक्षा तीसरी में बच्चों से संख्या 120 को अंग्रेजी व शब्दों में कैसे लिखा जाता है? इसके बारे में बच्चों से सवाल किए। इसके बाद छात्रा वंदना से 15 का पहाड़ा सुना।
कमरों में खाली पड़े बैंचों की ओर इशारा करते हुए डीईईओ ने स्कूल प्रबंधकों को आदेश जारी किए कि खाली पड़े बैचों के बारे में खाका तैयार करो। ताकि जहां जरूरत हो वहां पर प्रयोग हो सकें।
निजी स्कूलों में स्कूल स्टाफ ने किया बच्चों का स्वागत, बच्चे भी दिखे उत्साहित
फोटो संख्या-
स्कूलों में पहुंचे बच्चों का निजी स्कूलों स्टाफ की ओर से स्वागत किया गया। बच्चों को कोरोना हिदायतों के साथ स्कूल में प्रवेश दिया गया। जिसमें उनके मास्क व सैनिटाइजर की जांच की गई। इसके साथ-साथ तापमान भी जांचा गया। साथ ही बच्चों को कोरोना नियमों की जानकारी देने वाले पोस्टर्स के साथ फोटो खिंचवाए गए। बच्चों में भी स्कूल पहुंचने को लेकर उत्साह नजर आया। शैमरॉक स्कूल में प्रिंसिपल नीलम मौदगिल की अगुवाई में बच्चों का हौसला बढ़ाया गया।
स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने जताया आभार
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी वरूण जैन ने कहा कि वे शिक्षा विभाग का धन्यवाद करना चाहते हैं। लंबे समय बाद प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की अनुमति दी गई। कोविड-19 की सभी गाइडलाइनों का पालन किया जा रहा है।