सांसद नायब सैनी ने कहा कि केंद्रीय आम बजट पीएम नरेंद्र मोदी के विश्व में उभरते आत्मनिर्भर भारत संकल्पों का योजनाबद्घ दस्तावेज है। जिसमें कृषि सुधार व किसान कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट में गरीब, किसान, महिला, युवा, बुजुर्ग, कारोबारी सभी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में बुनियादी संरचनाओं का विकास, सड़क, परिवहन, रक्षा से सुरक्षा सहित भारत के आर्थिक शक्ति बनने का सुदृढ़ आधार तक निहित है। यह सभी का बजट है और सभी के लिए है।
रविवार बाद दोपहर लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने आंकड़े जारी किए। जिसमें उन्होंने कृषि, महिला विकास, आधारभूत संरचना के लिए बढ़ाई गई राशि की जानकारी दी। उनके साथ जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर, राजपाल तंवर, पूर्व विधायक तेजबीर सिंह, जिला प्रवक्ता भीमसैन अग्रवाल, ज्योति सैनी, कृष्ण सैनी व अन्य बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद थे। सांसद ने कहा कि बजट में कृषि सुधार व किसान कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इस साल अभी तक 1 फरवरी तक देश में कुल 604 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है जोकि पिछले वर्ष की इस अवधि की अपेक्षा 18 प्रतिशत अधिक है। अभी तक 88 लाख किसानों को 114042 करोड का भुगतान किया गया है। एमएसपी पर खरीद आगे भी जारी रहेगी।
कृषि ऋण बजट 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर 16.5 लाख करोड़ रुपये
माईक्रो इरिगेशन बजट में दोगुनी बढ़ोतरी कर 10 हजार करोड़ रुपये
राष्ट्रीय ई-बाजार से 1000 मंडियों को जोड़ने का लक्ष्य
ग्रामीण विकास की निधि को 40 हजार करोड़ रुपये किया
धान व गेहूं की एमएसपी वर्ष 2013-14 में 1310 रुपये व 1400 प्रति क्विंटल से 2020-21 में बढ़ाकर 1868 व 1975 प्रति क्विंटल किया गया।
वर्ष 2013-14 में कृषि बजट 21933.50 करोड़ से बढ़ाकर 2021-22 में 5.5 गुणा से अधिक बढ़ोतरी के साथ 123017.57 करोड रुपये किया।
वर्ष 2019-20 में एमएसपी खरीद से 2 करोड़ रुपये से अधिक किसान लाभान्वित किए गए।
धान के लिए वर्ष 2013-14 में 62264 करोड़ से बढ़ाकर वर्ष 2020-21 में 172752 करोड़ किया।
केसीसी का लाभ पहुंचाने के लिए वित्त वर्ष 2022 में कृषि ऋण को 15 लाख करोड़ से बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये किया।
कपास की खरीद के लिए वर्ष 2013-14 के 90 करोड़ से बढ़कर 25974 करोड़ रुपये की गई।
दालों के लिए 2013-14 में 236 करोड़ से बढ़ाकर 2020-21 में 10530 करोड़ रुपये राशि खर्च की गई।