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पहले चार आरोपियों ने साधू के साथ मंदिर में बैठकर पी शराब

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गांव हाबड़ी-ट्योंठा रोड पर 28 जनवरी को मृत मिले साधू की गांव जांबा निवासी चार आरोपियों ने थप्पड़-मुक्कों और लातों से पीट-पीटकर हत्या की थी। किसी को शक न हो, इसलिए शव को सड़क पर फेंक दिया था। इससे पहले आरोपियों ने साधू के साथ बैठकर मंदिर में शराब भी पी। शराब पीते हुए कहासुनी हुई तो चारों ने मिलकर साधू की हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने गांव जांबा निवासी तीन आरोपियों 44 वर्षीय रिटायर्ड फौजी नफेसिंह, 63 वर्षीय वेदपाल व 50 वर्षीय महेंद्र को गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी राजेश फरार है। नफे सिंह व वेदपाल का पूछताछ के लिए एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, जबकि महेंद्र न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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मामले के संबंध में डीएसपी रविंद्र सांगवान ने सीआईए-टू थाना में प्रेसवार्ता की। डीएसपी ने बताया कि 28 जनवरी को गांव हाबड़ी के पास शोरा कोठी खुराना रोड कैथल निवासी सुरेश उर्फ संगमपुरी सड़क पर मृत अवस्था में पाया गया था। वह पिछले करीब 12 वर्ष से साधू था और विभिन्न डेरों में घूमता था। वह शराब पीने का भी आदि था। उसका शव मिलने के बाद हाबड़ी गांव के नंबरदार गुरमीत की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मृतक के दो बेटे हैं। उन्होंने भी हत्या का शक जताया था।
डीएसपी ने बताया कि वह पिछले करीब एक माह से संगमपुरी गांव जांबा के एक मंदिर में रह रहा था। 27 जनवरी को गांववासी रिटायर्ड फौजी नफे सिंह, जो शराब का आदी है, वह साधू के पास पहुंचा और उसे शराब पीने के लिए कहा। वे दोनों इससे पहले भी साथ में शराब पीते थे।
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दूसरी ओर गांव के ही वेदपाल, महेंद्र व राजेश भी शराब पीकर मंदिर के पास से गुजर रहे थे। जैसे ही उन्हें देर रात को मंदिर में लाइट जलती दिखाई दी तो वेदपाल ने अपनी बाइक मंदिर के बाहर खड़ी कर दी और देखने के लिए अंदर चले गए। वहां देखा तो संगमपुरी और नफेसिंह शराब पी रहे थे। उसके बाद पांचों ने सहमति से एक बोतल शराब और मंगवा ली व पीने लगे। बाद में शराब पीते समय साधू ने वेदपाल को अपशब्द कह दिए। इस पर वेदपाल ने संगमपुरी को कहा कि तू साधू होकर शराब पीता है और उसे पीटना शुरू कर दिया। बाद में वेदपाल के साथ मिले महेंद्र, राजेश व नफे सिंह ने साधू की हत्या कर दी। हत्या के बाद नफेसिंह ने अपना फोन भी बंद कर लिया था।
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