संयुक्त किसान आंदोलन के आह्वान पर जिले में शनिवार को करीब 25 स्थानों पर जाम लगाकर तीन घंटे तक रोष प्रकट किया गया। जिसमें बड़े स्तर पर नेशनल हाइवे नंबर 52 पर तितरम मोड़ पर हिसार-जींद, पानीपत व चंडीगढ़ रोड जाम रहे। यहां हजारों की संख्या में किसानों ने जाम में भाग लिया। साथ ही महिलाओं की संख्या भी काफी रही। इसके अलावा पाई में राजौंद-पूंडरी मार्ग पर, चीका में शहीद उधम सिंह चौक पर कैथल-पटियाला मार्ग पर, संगतपुरा में कैथल-खनौरी मार्ग पर, कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर ढांड में, कैथल करनाल मार्ग पर दुसैन बस अड्डे के निकट जाम लगाकर किसानों ने जमकर रोष प्रकट किया। इसके अलावा गांव भागल, गुलियाणा, किठाना, राजौंद, टटियाना, पीड़ल, जाजनपुर, अजीमगढ़, फिरोजपुर, पोलड़ व फर्शमाजरा में लोगों ने जाम लगाकर तीन घंटे तक रोष प्रदर्शन किया। कई जगहों पर रागिनी गाकर तो गई जगहों पर किसान नेताओं ने भाषण दिए। सभी जगहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। जाम के कारण जहां लोगों को परेशानी हुई, वहीं बसों के रुकने से यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं और बसों के न आने-जाने के कारण बस अड्डे पर पूरी तरह से सन्नाटा रहा। इसके अलावा जिले में कोई बड़ी अप्रिय वारदात या घटना की सूचना नहीं है।
कैथल में इन रास्तों पर रहा शनिवार को जाम
चंडीगढ़-हिसार मार्ग-तितरम मोड व खरक पांडवा
कैथल-करनाल रोड पर मूंदड़ी,
कैथल-पटियाला रोड पर शहीद उधम सिंह चौक चीका, टटियाना घग्गर पुल, पीड़ल, कांगथली, सीवन
गुहला-खरकां रोड पर अगौंध
पिहोवा-चीका रोड पर गांव भागल
कैथल खनौरी रोड पर संगतपुरा
गांव फ्रांसवाला में भी लोगों ने जाम लगाया
कैथल-जींद रोड पर गांव किठाना
पिहोवा-करनाल मार्ग पर गांव कौल
कैथल-करनाल रोड पर गांव दुसैन बस अड्डे पर जाम
राजौंद-पूंडरी मार्ग पर पाई स्कूल के निकट
ढांड क्षेत्र में जाजनपुर
समाना की ओर जाने वाले मार्ग पर गांव अजीमगढ़ में
तितरम मोड़ पर जाम के दौरान चारों तरफ वाहनों की कतारें लगी रही। तीन घंटे तक केवल इंमरजेंसी वाहनों को ही रास्ता दिया गया। हजारों की संख्या में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम में शामिल किसान संगठनों के प्रतिनिधि होशियार गिल प्यौदा, बिल्लू चंदाना, सतबीर भाणा, राजेश सिसला, मंजीत करोड़ा, विरेंद्र मांगो, भाना सेगा, राजपाल चहल, इंद्र मुच्छल, पवन कैलरम, बलदेव तितरम, नरेश खुराना, विक्रम कसाना, राजेश कालारामणा, भरत सिंह बैनीवाल, अनिल क्योडक़, ईशम सिंह, महेंद्र सिंह कसान, जयप्रकाश शास्त्री, शकुंतला, राममेहर प्यौदा व दलबीर प्यौदा ने कहा कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होंगे, तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।
जाम के दृष्टिगत प्रशासन की ओर से कैथल में तैनात किए गए नोडल अधिकारी डीडीपीओ जसविंद्र सिंह व कलायत में तैनात एसडीएम कैथल संजय कुमार ने कहा कि जाम व किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। तीन बजे जाम खोलकर किसान अपने घरों को रवाना हो गए। वहीं एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि जाम को लेकर पुलिस प्रबंधन चौकन्ना रहा। सैकड़ों पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। थाना प्रबंधक भी निरंतर नजर रखे हुए थे। जाम के दौरान किसी वाहन चालक को दिक्कत न हो, इसके लिए रूट डायवर्ट किए गए।
तीन घंटे तक बस स्टैंड पर पसरा रहा सन्नाटा
यात्रियों का आवागमन हुआ प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। किसानों द्वारा किए गए चक्का जाम के कारण रोडवेज की बसों का पहिया भी तीन घंटे थमा रहा। जिससे यात्रियों का आवागमन भी प्रभावित हुआ। जिलेभर में मुख्य मार्गों पर किसानों जमा लगाया। इस दौरान एंबुलेंस व फायरब्रिगेड की गाड़ियों को रास्ता दिया गया।
बता दें कि किसानों द्वारा चक्का जाम की सूचना पाकर रोडवेज विभाग पूरी तरह से अलर्ट हुआ। सभी चालक-परिचालकों को गाड़ियों को गंतव्य रूटों पर ही खड़ी करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद जो गाड़ियां बस स्टैंड से रवाना होनी थी, उन्हें तीन घंटे तक बस स्टैंड पर खड़ा किया गया। जाम खुलने के बाद बसों का संचालन किया गया। यात्रियों ने भी राहत की सांस ली।
यात्री बस स्टैंड के बाहर करते रहे इंतजार
बस स्टैंड पर पहुंचे यात्रियों विक्रम, सुमित, ललित, गोविंद, राकेश व अर्जुन ने कहा कि यहां आकर बसों के बंद होने के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद प्राइवेट वाहनों के लिए बस स्टैंड के बाहर कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा।
लंबे रूटों की बसों को बीच रास्ते में ही खड़ा किया गया
चंडीगढ़ से सिरसा वाया कैथल, हिसार से चंडीगढ़, फरीदाबाद, करनाल व अन्य रूटों पर जाने वाली बसों को चक्का जाम के कारण बीच रास्ते में ही खड़ा किया गया। जाम खुलने के बाद ये बसें अपने गंतव्य रास्ते के लिए रवाना हुई।
जीएम अजय गर्ग ने कहा कि चक्का जाम को लेकर विभाग पूरी तरह अलर्ट है। सभी चालक-परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं। बसों को तीन घंटे तक बस स्टैंड खड़ा किया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद बसों को निरंतर रूप से संचालन किया गया।