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ठंड में ठिठुरने के बाद भी नहीं मिली नकदी

Wed, 07 Dec 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो कैथल
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सुबह सात बजे से लगे लाइनों में - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बैंकों में घंटों लाइन में लगने के बाद कैश नहीं मिलने पर लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बुधवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद भी लोगों रुपये निकलवाने के लिए ठंड में रुपयों के लिए ठिठुरते नजर आए। इस समय लोग बैंकों के बाहर लाइन में लगने की बजाय वहां स्थित चाय के स्टालों पर अधिक दिखाई दिए। कोई अपनी पत्नी के इंतजार में तो कोई अपने पिता और दादी के इंतजार में बैठकर चाय पीने के साथ समाचार पत्र पढ़ते रहे।
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बुधवार को यह नजारा शहर के अधिकतर बैंकों में देखने को मिला। अंबाला रोड स्थित पीएनबी, कॉरपरेशन बैंक, ओबीसी बैंक, इलाहाबाद और यूनियन बैंक के बाहर गहरी धुंध और कोहरे के बाद भी लोगों का जमघट लगा रहा। यहां दोपहर तक तो कैश मिला। लेकिन लंच टाइम के बाद ही कैश खत्म हो गया। जिससे कड़ाके की ठंड में घंटों तक खड़े रहने के बाद भी लोगों के हाथ खाली रहे। हालांकि करनाल रोड स्थित एचडीएफसी बैंक से सेविंग अकाउंट से 10 हजार और करेंट अकाउंट से 20 हजार रुपये निकले। जबकि अन्य बैंकों में केवल चार हजार रुपये ही मिले।

पीएनबी से पेंशन लेने आये गांव चंदाना निवासी मेला राम ने बताया कि वह पेंशन लेने के लिए सुबह 9 बजे आया था। आज काफी घना कोहरा था। बाहर भीड़ में ठंड में जमा रहा। दो घंटे बाद रुपये मिले तो अब ठंड से बचने के लिए चाय पीने लगा हूं।
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वहीं ओबीसी बैंक से रुपये लेने आये शक्ति नगर निवासी जिया लाल ने बताया कि उसे पत्नी के खाते से रुपये निकलवाने थे। इसलिए पत्नी को साथ लेकर आया। उसकी दो वर्षीय बेटी रितिका भी साथ है। ठंड होने से काफी परेशानी हो रही है। इसलिए चाय का सहारा लिया है।
बुधवार को भी एटीएम की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। बैंकों की तरह एटीएम के बाहर भी घंटों तक लोग लाइनों में लगे रहे। शहर में मात्र तीन एटीएम ही चालू रहे। जहां लोगों की काफी लंबी कतारें लगी।

बुजुर्गों की परेशानी पर दिया ज्ञापन
सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी का एक प्रतिनिधि मंडल डीसी से मिला। वरिष्ठ नागरिकों ने बैंकों में बुजुर्गों को आने वाली समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। डीसी ने आश्वासन दिया कि बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से लाइन लगाई जायेगी। शिष्ट मंडल में महेश दुआ, नरेन्द्र निझावन, वीके चावला, रमेश गेरा, बलवन्त राज, रतन लाल जैन, रमेश पाहवा, टेक चंद कैथली, सुभाष चावला, राजपाल गुजाटी, मनोहर लाल आहुजा मौजूद रहे।

पेंशनर्स ने जताई परेशानी
रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला संयोजक धूप सिंह सिरोही व प्रांतीय उप प्रधान अशोक शर्मा ने बताया कि नोटबंदी के चलते हरियाणा के पेंशनर्स भी परेशान हैं। बैंकों में न तो उनके लिए अलग काउंटर है और न ही उन्हें पर्याप्त धनराशि मिल रही है। उन्हें भी सारा-सारा दिन लाइनों में खड़े रहने पर महज 2000 हजार या 4000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। वह भी बड़े नोट। जिनसे बाजार में सामान नहीं लिया जा सकता।

रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित
पाई। लोगों को नोटबंदी के चलते अब अपने खाने के दाने बेच कर रोजमर्रा का समान लेना पड़ रहा है। गरीब जनता को तो राशन के डिपो से मिला अनाज ही बेचना पड़ रहा है। जिला परिषद पार्षद इंद्र ढुल ने बताया कि जनता के पास जो पैसा था, वह बैंकों में जमा हो गया। आगे उनको पैसा नहीं मिल रहा। हर रोज लोग बैंकों में लाइनों में खड़े होकर खाली हाथ लौट रहे हैं।
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