नोटबंदी के बुधवार को 50 दिन पूरे हो गए। इस दौरान बाजारों में स्थिति में सुधार नहीं है। वहीं सरकारी विभागों में भी कैशलेस सेवाओं के लिए अभी इंतजार करना होगा। हालांकि इस दौरान बैंकों में जरूर राहत मिली है। बैंकों से अब नकदी मिलनी शुरू हो गई है। सीजन के बावजूद बाजार में रौनक नहीं लौट रही है। इसके अलावा बड़े व्यापारी अपने व्यापार को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा हैं। तमाम परेशानियों के बावजूद आम जनता प्रधानमंत्री के फैसले को ऐतिहासिक और सराहनीय तो बता रही है।
काम रहा मंदा
मेन बाजार में दुकानदार महेंद्र सिंह सेन ने बताया कि नोटबंदी के कारण लोगों के पास रुपयों की कमी के चलते काम काफी मंदा रहा। सर्दी के मौसम का सीजन होने के बावजूद भी दुकानदार खाली बैठे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री ने जो फैसला लिया उससे लोगों को राहत मिली है।
फुटकर में दिक्कत, उधारी में लिया समान
ग्राहक संजीव शर्मा ने बताया कि दो हजार रुपये के नोट के प्रचलन के बाद बाजार में फुटकर की काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस वजह से खरीदारी करने में भी दिक्कत आ रही है। उधार में समान खरीदना पड़ रहा है।
नोटबंदी से हुई महंगाई कम
शहरवासी बिमला ने बताया कि महंगाई ने गृहणियों को काफी कठिनाई आती थी। ज्यादा रुपयों में काफी कम समान खरीदा जाता था। जिससे काफी तंगी होती थी। अब सब्जी और अन्य समान में महंगाई के कम होने से कम रुपयों में जरूरत के अनुसार खरीदारी हो जाती है।
देश करेगा तरक्की
बैंक में पुराने नोट जमा करवाने आए गांव क्योड़क निवासी राजीव कुमार ने कहा कि नोटबंदी के बाद देश में आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगी है। आय से अधिक पुरानी करेंसी के पकड़े जाने से देश में भ्रष्टाचारियों पर भी नकेल कसी गई है। इस फैसले के बाद आने वाले समय देशवासियों के हित में कार्य होंगे और पूरे विश्व में देश का नाम होगा। देश तरक्की करेगा।
आम जनता करे सहयोग
गांव मानस के किसान शमशेर ने बताया कि पुराने नोटों के प्रचलन बंद होने के बाद उसे खेती में थोड़ी दिक्कत आई थी। वो भी धान को बेचने पर लेकिन अब आढ़तियों ने चेक के माध्यम से रुपये दे दिए हैं। उसने बताया कि प्रधानमंत्री ने बदलाव करने की सोची है तो आम जनता को भी सहयोग करना चाहिए।
व्यापारियों ने शुरू की ऑनलाइन बिलिंग
भले ही आम जनता को लाइनों में लगने से परेशानी का सामना करना पड़ा हो लेकिन अब समस्या धीरे-धीरे दूर होने लगी है। क्योंकि अब व्यापारियों ने ऑनलाइन बिलिंग को अपनाया है। उद्योग मार्ग स्थित फैक्ट्री मालिक ने कहा प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया फैसला देशहित में है। आम जनता को काफी फायदा होगा मगर इसमें थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने बताया कि अपने व्यापार में अब नकदी का लेन-देन बंद कर दिया है। समान के लेन-देन व ट्रांसपोर्ट पर अब ऑनलाइन बिलिंग को भी शुरू कर दिया है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी व भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। इसके अलावा मजदूरों के बैंक खाते भी खुलवाए है। उसमें उनकी मजदूरी दी जा रही है।
मोदी ने गरीबों के हित में लिया फैसला
गांव जगदीशपुरा के मजदूर धर्मा ने बताया कि मोदी के लिए गए फैसले से गरीबों का उत्साह बढ़ा है। शुरू में कुछ दिक्कतें हुई। पर अब तो स्थिति सामान्य होने लगी है। अब अमीर और गरीब की खाई कम होने लगी है। उम्मीद है कि अब गरीब के लिए अच्छा होगा। दूसरा जरूरत के लिए अशिक्षित लोगों का आधुनिकीकरण की ओर रुख बढ़ा है।
चेक से रुपये लेने में होती है दिक्कत
बिहार निवासी मजदूर पाबनम ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से फैक्ट्री में कार्य कर रहे है। उनका बैंक अकाउंट उसके निवास स्थान पर ही है। इसलिए नोटबंदी के दौरान रुपयों के लिए काफी दिक्कत आई। मालिक चेक से रुपये दे रहा है। लेकिन चेक से रुपये निकलवाने के लिए ध्याड़ी खराब होती है।
सारा ब्योरा बैंक के अकाउंट में आ रहा
गांव गुहणा के मिस्त्री राजेश ने बताया कि फैक्ट्रियों के ऑनलाइन बिलिंग के बाद पूरा काम कैशलेस हो रहा है। अब चेक के रुपये दिए जा रहे हैं। उसने बताया कि चेक से रुपयों के लेन-देन से काफी पारदर्शिता आई हैं। लेन-देन का सारा ब्योरा बैंक के अकाउंट में आ रहा है। जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है।
पेट्रोल पंपों पर नहीं है स्वाइप मशीनें
सबसे अधिक कैशलेस ट्रांजेक्शन की जरूरत पेट्रोल पंपों पर महसूस की जा रही है। लेकिन अभी भी शहर के कई पेट्रोल पंपों पर स्वाइप मशीने नहीं है। सीवन व चीका रोड, अंबाला रोड स्थित कई पेट्रोल पंपों पर अभी तक स्वाइप मशीनें नहीं है। जिससे यहां के आस पास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों कैशलेस पेमेंट का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
सरकारी विभागों को कैशलेस होने में लगेगा समय
अभी तक सरकारी विभाग के अधिकतर कार्यालय कैशलेस नहीं हो पाए हैं। सरकार विभाग में ई दिशा केंद्र, बिजली बोर्ड, बस स्टैंड के टिकट काउंटर, नगर परिषद में कैशलेस के लिए स्वाइप मशीनें नहीं पहुंची हैं। हालांकि विभागों में डेबिट और क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन तो की जा रही है। परंतु सर्वर डाउन रहने से लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
50 दिनों में एटीएम ने भी रुलाया, अब स्थिति सामान्य
शहर के पांच या सात एटीएम को छोड़कर अन्य कोई एटीएम नहीं चले है। ग्रामीण इलाकों में तो एटीएम से रुपये निकलवाने के लोगों को शहर में दिनभर इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब बैंकों में रुपये की किल्लत दूर होने के बाद एटीएम में रुपये मिल रहे हैं। जिससे लोगों को राहत मिली है।