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संस्कृति और नैतिक मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए : डाॅ. मीना

Wed, 16 Oct 2024 03:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सीवन। डीएवी स्कूल में चल रहे वैदिक संस्कार पखवाड़ा के तहत मंगलवार को महात्मा आनंद स्वामी के जन्म दिवस पर छात्रों को उनके जीवन के बारे में बताया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. मीना मेहता ने कहा कि हमें संस्कृति और नैतिक मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए।

कार्यक्रम में महात्मा आनंद स्वामी की ओर से किए गए समाज हित के कार्यों को याद करने के साथ विद्यालय में हवन किया गया। इसमें छठी के छात्रों ने मिलकर हवन में आहुतियां डाली। हवन के बाद छात्रों को वैदिक संस्कृति और भारतीय मूल्यों के बारे में जानकारी दी। प्रधानाचार्य डाॅ. मीना मेहता ने महात्मा आनंद स्वामी के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि महात्मा आनंद स्वामी भारत माता के सच्चे पुत्र और एवं स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अपने जीवन से बढ़कर अपने देश व समाज के हित को महत्व दिया।
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उन्होंने डीएवी संस्थानों में अपना अद्भुत योगदान दिया जिसकी वजह से ही इस समय डीएवी संस्था एक वट वृक्ष की तरह अपना विशाल रूप प्रकट कर रही है। उन्होंने बच्चों को नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि कि हमारी संस्कृति और हमारे मूल्य की हमें दूसरे देशों से अलग करते हैं। हमें कभी भी अपनी संस्कृति और अपने नैतिक मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए। समाज में हर एक व्यक्ति को आदर सम्मान देना चाहिए। सभी के साथ एक समान व्यवहार करना चाहिए।
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डॉ. मीना ने कहा कि छोटे बड़ों के साथ हमेशा प्रेम पूर्वक रहना चाहिए। किसी भी धर्म और जाति से बढ़कर अपने देश और अपने राष्ट्र को महत्व देना चाहिए। कहा कि जब कोई देश उन्नति करता है तो उसमें रहने वाले सभी देशवासियों की उन्नति होती है। केवल एक व्यक्ति के उन्नति करने से किसी राष्ट्र को उन्नत व प्रगतिशील नहीं बनाया जा सकता। इसमें सभी का सहयोग होना अति आवश्यक है। छात्रों को बताया गया कि घर पर अपनी अभिभावकों के साथ हमेशा प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिए और उनके कार्य में भी सहयोग करना चाहिए। इस कार्यक्रम में विद्यालय की सभी स्टाफ ने सहयोग किया।
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