संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बाबा श्री खाटू श्याम, जिन्हें हारे का सहारा कहा जाता है, के जन्मोत्सव पर शनिवार को जिले के प्रसिद्ध सिसला धाम वीर बर्बरीक श्याम तीर्थ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की ग्यारस (एकादशी) तिथि पर मनाए जाने वाले बाबा श्याम के जन्म दिवस को
भक्तों ने पूरे उत्साह, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया।
सुबह से ही सिसला धाम में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दूर-दूर से आए भक्त हाथों में बाबा श्याम के निशान, गुलाब और मोर पंख लेकर जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने लंबी लाइनों में लगकर बाबा श्याम के दर्शन किए और मनोकामनाएं मांगीं।
कार्यक्रम का आयोजन वीर बर्बरीक श्याम ट्रस्ट सिसला की ओर से किया गया, जिसने श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की। पूरे परिसर में भक्ति संगीत, श्याम नाम के जयकारे और दीप सजावट से माहौल भक्तिमय बना रहा। मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के दौरान वीर बर्बरीक ने बाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान किया था। भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे। इसी कारण यह भूमि सिसला धाम के नाम से प्रसिद्ध हुई और यहां स्थित मंदिर को महाभारत कालीन तीर्थ माना जाता है।
सिसला धाम में पहुंचे श्रद्धालु।