कैथल। कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल ने गांव कैलरम में फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम आयोजित किया। केंद्र के वरिष्ठ समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने किसानों को बताया कि फसल अवशेष उपयोगी संसाधन हैं। इन्हें जलाने के बजाय उचित प्रबंधन से भूमि में जैविक कार्बन बढ़ता है और उर्वरा शक्ति सुधरती है।
सरकार सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रोटावेटर जैसी कृषि मशीनें अनुदान पर दे रही है। इनका प्रयोग कर किसान अवशेषों का प्रबंधन कर सकते हैं। उन्होंने रबी फसलों में खरपतवार नियंत्रण और पोषक तत्वों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक जसबीर सिंह ने कहा कि धान के फानों में आग लगाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति घटती है। कार्यक्रम में 75 से अधिक किसानों ने भाग लिया।