डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत के मामले में विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाक्टर विकास भटनागर की शिकायत पर पुलिस ने पूंडरी स्थित एक निजी क्लीनिक की दाई के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में डाक्टर ने कहा है कि 31 अगस्त को डीसी के आदेश पर उक्त क्लीनिक पर पूजा पत्नी सुनील गांव क्योड़क की डिलीवरी के दौरान हुई मौत की जांच की गई। इस टीम में डाक्टर नीलम कक्कड़ उप सिविल सर्जन, डा. विकास भटनागर एसएमओ, सुनील दहिया ड्रग कंट्रोल अधिकारी, राजेश कुमार डीईई शामिल थे। टीम को मृतक पूजा देवी की माता संतरों देवी ने अपने बयान में कहा कि 28 अगस्त की सुबह आठ बजे पूजा को वह पूंडरी स्थित क्लीनिक पर लेकर गई। जहां दाई ने उनकी डिलीवरी करने का आश्वासन दिया और पूजा को पीने के लिए गर्म दूध के साथ एक दवा दी। लगभग दो बजे पूजा को ग्लूकोज में एक दो टीके भी लगाए और कहा कि तीन से चार घंटे में उसकी डिलीवरी हो जाएगी। दाई पूजा को शाम चार बजे एक कमरे में ले गई और लगभग 5 बजकर 40 मिनट पर पूजा ने एक पुत्री को जन्म दिया। शाम 6 बजे पूजा की हालत खराब हो गई। उसके बाद वे उसे एक गाड़ी में डालकर कैथल ले गए। वहां कई अस्पतालों में धक्के खाने के बाद भी पूजा का इलाज नहीं हो पाया और अंत में सरकारी अस्पताल पहुंचे तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
संतरों के बयान के अनुसार वे पूजा को अस्पताल के अंदर ले जाने की बजाए बाहर से ही घर वापस ले आए। जांच टीम ने 1 सितंबर को पूंडरी मेन बाजार स्थित उक्त क्लीनिक में जाकर जांच पड़ताल की तो अस्पताल में मौके पर दाई तो नहीं मिली लेकिन अस्पताल के संचालक ने टीम को बताया कि उसकी माता जो कि पिछले 40 वर्षों से दाई का कार्य कर रही है, के पास शाम 5 बजे संतरों देवी अपनी बेटी पूजा को लेकर आई थी। जो कि गंभीर हालात में थी और उसे बहुत अधिक रक्तस्राव हो रहा था। अस्पताल के संचालक के मुताबिक पूजा की आधी डिलीवरी पहले ही हो चुकी थी और बच्चे का आधा सिर बाहर था। पूजा की गंभीर हालत को देखते हुए वे उसे अपनी गाड़ी से सिविल अस्पताल कैथल ले आए और अस्पताल के सामने ही उसकी मौत हो गई।
इस बारे में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद ही सब कुछ साफ हो पाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।