महिला पुलिस थाने में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली हेड कांस्टेबल की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। फिलहाल उसका शाह अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं डीएसपी हेडक्वार्टर तरुण कुमार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर सुमन अपने आरोपों पर अडिग है। साथ ही उसने मीडिया से बातचीत में कई और भी आरोप लगाए हैं।
सुमन ने कहा कि पिछले दिनों किसी ने थाना प्रभारी की मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी, महिला आयोग व एसपी को शिकायत दी थी। न जाने किस ने यह शिकायत दी थी। लेकिन शक उसके ऊपर किया जा रहा था। उसे नौकरी से हटवाने सहित कई तरह की धमकियां देकर प्रताड़ित किया जाता था। जिस कारण मजबूरन वह इतना बड़ा कदम उठाने पर विवश हो गई। वहीं अस्पताल के चिकित्सकों ने सुमन की हालत को खतरे से बाहर बताया है।
वहीं इस मामले में डीएसपी हेडक्वार्टर ने सोमवार को महिला पुलिस थाने का दौरा किया। उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस बयानों की जांच कर रही है।
वहीं एसपी सुमित कुमार ने कहा कि डीएसपी दोनों पक्षों की निष्पक्ष सुनवाई कर जांच कर रहे हैं। पुलिस थाना एक परिवार का रूप है। इसमें कई सदस्यों में आपसी कहासुनी होती है। मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएगी।