गांव कौल के वर्तमान सरपंच ग्राम पंचायत कौल द्वारा अपने पिछले कार्यकाल के दौरान नियमों को ताक पर रखकर पंचायत और सरकार को चूना लगाने का मामला प्रकाश मेें आया है। जिसका खुलासा कौल निवासी आरटीआई कार्यकर्ता धर्मपाल फौजी ने पंचायत विभाग से आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाने के बाद किया। धर्मपाल फौजी ने विभाग से जुटाई गई जानकारी की प्रति दिखाते हुए कहा कि शिकायत जांच अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता पंचायती राज कैथल द्वारा करवाई गई जांच में सामने आया कि सरपंच द्वारा गांव में 122 सोलर स्ट्रीट लाइट की जगह पर बिजली संचालित स्ट्रीट लाइट मिली थी, जो नियमों को ताक पर रखकर खरीदी गई। जिसका खुलासा विभाग द्वारा की गई जांच में किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि जिस कंपनी से यह खरीद की गई है। वह कंपनी ना तो सरकार द्वारा अनुमोदित की गई और ना ही अनुमोदित रेट पर इनकी खरीद की गई। सरकार द्वारा वर्ष 2008 में 2600 रुपये प्रति स्ट्रीट लाइट के रेट अनुमोदित किए गए थे। जबकि सरपंच द्वारा 4800 रुपये प्रति लाइट की खरीद दिखाकर लाखों रुपये का चूना लगाया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि बीडीपीओ पूंडरी के माध्यम से सरपंच कौल से 620675 रुपये की वसूली कर पंचायत खाते में करवाने की आदेश दिए गए थे। जिसको अभी तक पंचायत खाते में जमा नही करवाया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि विभाग के अधिकारियों की सरपंच के साथ सांठ गांठ का ही परिणाम है। आरटीआई कार्यकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गबन के आरोपी सरपंच कौल से पंचायत की गबन राशि की तुरंत रिकवरी करवाई जाए।
वहीं बीडीपीओ पूंडरी नरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव कौल के सरपंच के खिलाफ उच्चाधिकारियों की तरफ से रिकवरी के आदेश मिले थे, जो करीब आज से 40 दिन पहले कार्यालय द्वारा सरपंच को नोटिस भेज दिया गया था, नोटिस का सरपंच की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, अब एक मौका ओर देते हुए 15 दिन का नोटिस जारी किया जाएगा। यदि फिर भी कानून की अवहेलना हुई तो उच्चाधिकारियों से अवगत करवा कर सरपंच पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।