दिल धड़कता देख परिजन बोले जिंदा है रामदास डॉक्टर बोले ब्रेन डेड है, बचने की उम्मीद नहीं
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध रूप से गर्भपात करने के आरोप में निजी अस्पताल संचालक डॉक्टर को काबू किया है। आरोपी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के पास सूचना आई थी। जिसके बाद फर्जी ग्राहक तैयार कर टीम ने डॉक्टर को दबोचा।
उप सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़ ने बताया कि किसी ने गुप्त सूचना देकर बताया कि अंबाला रोड स्थित कंसल अस्पताल की संचालिका डा. मोनिका कंसल अवैध रूप से गर्भपात करती है। सूचना मिलने पर एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाया गया। फर्जी ग्राहक डॉ. मोनिका कंसल के पास गर्भपात करवाने गई तो तीन हजार रुपये की डिमांड की गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी ग्राहक को तीन हजार रुपये दिए और बुधवार शाम को वह गर्भपात करवाने आरोपी डॉक्टर कोे पास पहुंच गई।
फर्जी ग्राहक ने डॉक्टर को तीन हजार रुपये दिए तो गर्भपात करने की तैयारी करते हुए उसे ग्लूकोज लगा दी। वहीं मौका मिलते ही ग्राहक ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को फोन किया। इसके बाद टीम ने रेड मारकर डॉ. मोनिका कंसल को काबू कर लिया और गर्भपात में प्रयोग किए गए सामान को सील कर दिया है। टीम में डॉ. नीलम कक्कड़, नीरज मंगला, डॉ. मनप्रीत, सुनील दहिया, राजेश बीईई शामिल थे। सिविल लाइन थाना प्रभारी रामचंद्र ने बताया कि उस सिविल सर्जन की शिकायत पर डॉ. मोनिका कंसल पर एमटीपी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया है।