गुहला-चीका। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार उर्फ नोदी चीका पर पिछले महीने हुए हमले के खिलाफ शहीद ऊधम सिंह चौक पर धरना दे रहे नोदी के परिजनों व समर्थकों पर वीरवार देर रात चार-पांच युवकों ने हमला बोल दिया। हमले के वक्त चौक पर लगे तंबू में नोदी के पिता शेर सिंह व तीन अन्य लोग सोए हुए थे। शेर सिंह के अनुसार हमलावरों ने अपने मुंह पर कपड़ा ढक रखा था तथा उनके हाथों में लाठियां थी। एक हमलावर अपने हाथ में रिवाल्वर भी उठाई हुई थी। शेर सिंह ने बताया कि हमलावरों ने पैर की ठोकर से उन्हें उठाया और फिर गाली गलौज करने लगे। दो लोगों ने शेर सिंह को पकड़ लिया तथा एक ने रिवाल्वर शेर सिंह पर तान ली। शेर सिंह ने बताया कि वह एक झटका मारकर युवकों के कब्जे से छूटा तथा कैथल रोड की तरफ दौड़ पड़ा तथा नहर कालोनी में नोदी के एक साथी जगदेव सिंह के घर जाकर शरण ली। हमलावर उसके पीछे भागे इस दौरान चौक पर मौजूद नोदी के दूसरे समर्थक भी इधर उधर जा छुपे।
टैंट फाड़ा, पानी के कैंपर फेंके:
पास के एक ढाबे से खाना खाकर अपने एक साथी के साथ चौक के पास से गुजर रहे वार्ड नंबर 8 के पार्षद पवन शर्मा ने बताया कि हमलावरों की संख्या पांच से ज्यादा थी तथा वे शराब पीए हुए लग रहे थे। पवन शर्मा ने बताया कि हमलावरों ने नोदी का चौक पर लगा तंबू फाड़ डाला तथा गुस्से में गंदी गंदी गालियां बकते हुए तंबू में पड़ा सामान उठा उठाकर चौक पर फेंकते रहे।
पुलिस ने नहीं खोला दरवाजा:
हमलावरों के टलने के बाद नोदी का पिता शेर सिंह अपने साथियों जगदेव सिंह वगैरह के साथ चीका थाना का दरवाजा खटखटाता रहा लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। नोदी समर्थकों के अनुसार उन्होंने थाने का फोन भी मिलाया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसी दौरान किसी ने डीएसपी को फोन कर दिया। डीएसपी सुल्तान सिंह चीका थाना आए और रात को तकरीबन डेढ़ बजे शेर सिंह पर हमला करने के आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। शेर सिंह ने बताया कि उन्होंने आवाज से एक आरोपी को पहचान लिया था इसलिए बाइनेम बलजीत सिंह वासी पीड़ल तथा पांच छह अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।
नोदी समर्थकों पर तीन पर्चे दर्ज
चीका पुलिस ने नोदी समर्थकों पर अलग अलग आरोपों के तहत तीन मामले दर्ज किए हैं। सरकारी काम में बाधा डालने का पहला मामला पीडब्ल्यूडी के एएसडीई बलबीर सिंह की शिकायत पर परसों दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वे सरकारी अमले के साथ चौक पर लगाया टेंट व बैनर हटाने गए थे, जिसमें पोल खोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह व उनके साथियों ने बाधा डाली। दूसरा मामला चीका पुलिस ने जाम लगाने वालों के खिलाफ दर्ज किया उसमें भी नोदी के पिता शेर सिंह, पोल खोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह, साहब सिंह को आरोपी बनाया गया है। यह मामला पुलिस कर्मचारी भागीरथ की शिकायत पर दर्ज हुआ है। तीसरा मामला धार्मिक भावनाएं भडक़ाने के आरोप में डेरा सच्चा सौदा के प्रेमी दरबारा सिंह की ओर से राम किशन व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ दर्ज करवाया गया है जिसमें आरोप है कि उक्त लोगों ने नोदी के समर्थन में हो रही सभा के दौरा डेरा प्रमुख के बारे में अपशब्द कहे।वहीं पोलखोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह ने कहा कि चाहे जितने मर्जी केस दर्ज कर लिए जाएं। वे किसी भी तरह के पर्चों से नहीं डरेंगे।
निष्पक्ष जांच की मांग पर एसपी से मिले नोदी व उसके परिजन:
एसआईटी की गठन को जल्द लागू करने की मांग को लेकर चीका के सामाजिक कार्यकर्ता नोदी व उसके परिजन एसपी से मिले। नोदी पर हुए हमले के बाद पीजीआई से छुट्टी मिलने के तुंरत बाद नोदी धरनास्थल पर पंहुचे थे। जिसके बाद वीरवार देर रात को प्रदर्शन स्थल पर कुछ शरारती तत्वों ने लोगों के साथ मारपीट की जिसे लेकर एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की। पूर्व मंत्री रामभज ने कहा कि एसपी ने एसआईटी को जल्द गठित करने का आश्वासन दिया है। उन्हें इस जांच पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के सारी सच्चाई सामने आ जाएगी कि नोदी पर हुए हमले के पीछे किसका हाथ है। इस मौके पर नोदी के पिता शेर सिह, पोलखोल अभियान के संयोजक जगजीत सिंह, सरजेंट चहल, अमित, नवीन, राजेश ढुल,दीवाना सहित अन्य मौजूद रहे।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने कहा कि गुहला में नोदी व उसके परिजनों को पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी। पहले हमले के मामले में सात में से छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। फिर से टेंट उखाडने के मामले में एक ओर केस दर्ज कर लिया गया है। वहां पुलिस तैनात की जाएगी।