नोट बंदी को वीरवार को एक महीना हो गया लेकिन नकदी को लेकर लोगों की परेशानियां अब भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। रोज की तरह वीरवार को भी अधिकतर बैंकों के गेटों पर कैश खतम के पर्चे चस्पें थे। स्टेट बैंक आफ पटियाला और पंजाब नेशनल बैंक में कैश आने की खबर थी जिस कारण इन बैंकों के आगे बहुत लंबी लंबी कतारें लगी हुई थी। लगता नहीं था कि सबका नंबर आएगा। नंबर आ भी गया तो कैशियर के पास कैश बचेगा भी नहीं, इस बात को लेकर लाइनों में लगे लोग बुरी तरह आशंकित और आतंकित थे।
शहर में यहां वहां स्थापित विभिन्न बैंकों के एटीएम में 14 में से 8 एटीएम बूथों पर ताले लटके थे। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक महेंद्रा, डीसीबी बैंक, एसबीओपी तथा एक्सिस बैंक के एटीएम खुले थे पर मशीन में कोई पैसा नहीं था। लोग आते, कार्ड डालते और निराश होकर लौट जाते। पूरा दिन यही सिलसिला रहा। कुछ लोगों ने बैंक वालों को सलाह भी दी कि या तो एटीएम में पैसे डालो वरना इनके शटर गिरा दो कम से कम लोगों का समय तो खराब ना हो।
मोदी तो ठीक है...इस पूर्वाग्रह के साथ लोगों से बात की कि वे नोट बंदी को लेकर सरकार को कोसेंगे, पीएम मोदी को गालियां बकेंगे पर लोगों के प्रतिक्रम आज भी हैरानी जनक थे। चींटी की रफ्तार से धीरे धीरे आगे सरकती स्टेट बैंक आफ पटियाला की लाइन में फंसे से खड़े खरौदी रोड के रहने वाले सुरेश ने कहा कि मोदी तो ठीक है पर बईमानां नै सारे काम का नास कर दिया। सुरेश के आगे खड़े युवा कुलदीप ने कहा कि जे बैंका आले इमानदारी तै नोट बांड देंदे तो किस्सै नै दिक्कत होंदी। पीएनबी की लाइन देखकर वापिस लौट रहे गांव मस्तगढ़ के बुजुर्ग किसान लखविंद्र सिंह बोले कि अगर नोट बंदी फेल हो गई तो कल को कोई भी प्रधानमंत्री इतना बोल्ड फैसला लेने की हिम्मत नहीं करेगा।
कैसे जमा करवाएं मां के सत्रह हजार:-
पंजाब नेशनल बैंक के अंदर तक जाकर वापिस लौटे चीका गांव निवासी नरेश का चेहरा भी बैंक वालों के रवैये को लेकर तमतमाया हुआ था। नरेश ने कहा कि उनकी मां के 17 हजार और पत्नी के 22 हजार रुपये पुराने नोटों की शक्ल में हैं। नरेश बैंक में मां व पत्नी के खातों में पैसे जमा करवाने के लिए लाइन में लगा था। कई घंटों बाद नंबर आया पर बैंक वालों ने यह कहकर लौटा दिया कि जिसके नाम से खाता है वही आकर पैसे जमा करवाए। नरेश ने कहा कि जिस दिन की नोट बंदी हुई है पीएनबी के आगे की लाइन कम होने का नाम नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी लाइन में घंटों खड़ी रही तो मां तो मर ही जाएगी।