जिला अस्पताल में कार्यरत रेडियोग्राफर को विजिलेंस टीम ने एक व्यक्ति से चोट कम दिखाने की एवज में 10 हजार रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने मंगलवार को रेडियोग्राफर सहित जिला अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर पर भी केस दर्ज किया है।
कलायत निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि 21 जनवरी को उनका गांव में झगड़ा हुआ था। दूसरे पक्ष को आई चोटों को लेकर जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर दिनेश ने बताया था कि उस पर धारा 307 लग सकती है। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए 30 हजार रुपये देने होंगे तभी मैं चोट कम दिखाऊंगा। डॉक्टर दिनेश को 30 हजार रुपये की राशि दे दिया। इसके बाद रेडियोग्राफर राम अवतार का उसके पास फोन आया कि इस काम के लिए 30 हजार रुपये और लगेंगे, तभी डॉक्टर उस कागज को उसकी इच्छानुसार सही करेंगे। महेंद्र ने बताया कि उसने 14 फरवरी को 20 हजार रुपये राम अवतार को दे दिए।
इसके कुछ दिन बाद फिर से राम अवतार का फोन आया कि 10 हजार रुपये और चाहिए। महेंद्र सिंह ने कहा कि उसके पास राम अवतार की रिकॉर्डिंग भी है। जिसमें उसने कहा है कि इस काम के लिए डॉक्टर दिनेश 2 लाख रुपये भी लेते तो वे भी कम थे। महेंद्र ने बताया कि परेशान होेकर मैंने पूरे प्रकरण की शिकायत विजिलेंस में दी। जिसके बाद टीम ने रणनीति बनाते हुए उसे दस हजार रुपये देने को कहे। मंगलवार को जैसे ही उसने जिला अस्पताल में जाकर आरोपी रेडियोग्राफर को 10 हजार रुपये दिए, उधर विजिलेंस की टीम ने शिकायतकर्ता का इशारा मिलते ही रेडियोग्राफर राम अवतार को गिरफ्तार कर लिया।
टीम ने मौके से उसके पास रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। रेड करने वाली टीम में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नायब तहसीलदार विजय कुमार सहित एसएचओ विजिलेंस जगदीश चंद्र, एचसी बीरबल, एचसी मलकीत, एएसआई जोगेंद्र, एएसआई राजेश कुमार शामिल थे।
क्या कहना है विजिलेंस का
एसएचओ विजिलेंस जगदीश चंद ने बताया कि विजिलेंस ने राम अवतार को गिरफ्तार कर राम अवतार सहित डॉक्टर दिनेश पर केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
क्या कहना है सीएमओ का
सीएमओ डॉ. नीलम कक्कड़ ने कहा कि वे निरीक्षण के लिए जिला अस्पताल स्थित कार्यालय से बाहर हैं। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
तो क्या जिला अस्पताल में बिकती हैं पुलिस की धाराएं
यदि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो क्या जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर एवं कर्मचारी पुलिस की धाराएं बेचते हैं? यह अपने आप में बड़ी जांच का विषय है। हालांकि इस तरह की आवाज पहले भी उठती रही हैं। फिलहाल विजिलेंस टीम मामले की जांच में जुट गई है।