पुलिस ने दोनों आरोपियों को तीन लाख रुपये लेते हुए काबू किया है। महिला ने बुजुर्ग से 10 लाख रुपये मांगे थे। परेशान बुजुर्ग ने फंदा लगा लिया था, बेटे ने बचाया, महिला ने बुजुर्ग से चार लाख 50 हजार रुपये लिए थे।
हरियाणा के कैथल जिले में एक बार फिर से हनीट्रेप का मामला सामने आया है। बुजुर्ग से संबंध बनाकर ब्लैकमेल करके 10 लाख रुपये मांगने के मामले में पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा रुपये मांगने से परेशान 62 वर्षीय बुजुर्ग ने वीरवार को घर में फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। मौके पर पहुंचे बेटे ने बुजुर्ग बचा लिया।
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पुलिस ने बुजुर्ग के बेटे की शिकायत पर केस दर्ज कर हुए दोनों आरोपियों को तीन लाख रुपये लेते हुए काबू कर लिया। आरोपियों की पहचान कैथल निवासी 40 वर्षीय रूमा और 46 वर्षीय राजू राम के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि कैथल निवासी रूमा उसके पिता की जानकार है। उसने उसके पिता से साढ़े चार लाख रुपये लिए हुए हैं और सिक्योरिटी के तौर पर मकान की रजिस्ट्री रखी हुई है। महिला ने वादा किया था कि वह साढ़े चार लाख रुपये वापस देकर अपने मकान की रजिस्ट्री वापस ले लेगी।
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सात दिसंबर को उसके पिता फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश कर रहे थे। उसी समय वह मौके पर पहुंच गया और उन्हें बचाया। जब उसने उन्हें ऐसा करने का कारण पूछा तो उसके पिता भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि रूमा ने अपनी मर्जी से कुछ दिन पहले उसके साथ संबंध बनाए थे। वह अब उसको दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये मांग रही है।
इस मामले में अर्जुन नगर निवासी राजू महिला का साथ दे रहा है। आरोपियों ने आठ दिसंबर को कैथल पैसे लेकर आने की बात कही है। वे तीन लाख रुपये अभी मांग रहे हैं। इस संबंध में थाना सिविल लाइन में केस दर्ज कर लिया गया। जांच अधिकारी कुलविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के बाद जींद बाईपास कैथल के नजदीक से आरोपी रूमा व राजू को तीन लाख रुपये लेते हुए काबू कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
महिला पुलिस कर्मचारी पर भी मध्यस्थता करवाने के आरोप
इस मामले में एक महिला पुलिस कर्मचारी पर भी मध्यस्थता करवाने के आरोप लगे हैं। आरोपों के अनुसार उक्त महिला कर्मी ने शिकायतकर्ता के पिता से कहा था कि वह आरोपियों को रुपये दे दे, नहीं तो उसे जेल जाना पड़ेगा। यह भी आरोप है कि जिस समय गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाना में केस दर्ज हुआ तो एक महिला पुलिस अधिकारी ने उक्त महिला कर्मचारी का नाम शिकायत से हटवा दिया। इस संबंध में एसपी उपासना ने कहा कि अगर मामले में कोई महिला पुलिस कर्मचारी भी शामिल है तो इसकी नियमानुसार जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी।