हेड कांस्टेबल का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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महिला पुलिस थाने में तैनात हेड कांस्टेबल ने रविवार रात्रि महिला थाने में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। दूसरी हेड कांस्टेबल ने शीशे तोड़कर उसे बचा लिया। उसे अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। हेड कांस्टेबल ने थाना प्रभारी सहित एक अन्य कर्मचारी पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। साथ ही एक सुसाइड नोट भी मिला है। एसपी ने कहा कि कांस्टेबल ने जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच करवाई जाएगी।
मामले के अनुसार महिला थाने में कार्यरत हेड कांस्टेबल सुमन ने करीब आठ बजे थाने में बने एक कमरे में फंदा लगाने का प्रयास किया। इसी बीच उसे दूसरी हेड कांस्टेबल ने देख लिया। उसने तुरंत खिड़की के शीशे तोड़कर उसे बचाया। बाद में पुलिस कर्मचारी सुमन को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इसके बाद उसके परिजन सुमन को लेकर शाह अस्पताल पहुंचे। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। सूचना मिलने पर आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है।
शाह अस्पताल में सुमन ने बताया कि वह पिछले लंबे समय से काफी परेशान है। उसे एसएचओ निर्मला देवी एवं एचसी धनपति लंबे समय से प्रताड़ित कर रही हैं। वे उसे घर भी नहीं जाने देती थी। वे उसे झूठे मुकदमे दर्ज करने की धमकी देती थी। साथ ही कहती थी कि उनके अनुसार काम करना होगा, नहीं तो नौकरी छोड़कर चली जाओ। रविवार को उसे फिर से प्रताड़ित किया गया। उसे घर जाने के लिए कह दिया गया। जिस कारण उसने मजबूर होकर यह कदम उठाया। वहीं उसके पति धर्मबीर ने कहा कि सुमन लंबे समय से अपनी परेशानी बता रही थी। भगवान के शुक्रगुजार हैं कि वह बच गई।
आज मैं हार गई
सुसाइड नोट में सुमन ने लिखा है कि मेरी मौत की वजह एसएचओ निर्मला व एचसी धनपति हैं। क्योंकि इन्होंने इतना परेशान कर रखा है कि मुझे ये कदम ना चाहते हुए भी उठाना पड़ा। मैंने कभी जिंदगी में हारना नहीं सीखा, मगर आज हार गई हूं।
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि सुमन के आरोपों की जांच करवाई जाएगी। उसे फंदा लगाने से पहले ही पुलिस कर्मियों ने शीशे तोड़कर बचा लिया। मामले की जांच डीएसपी हेडक्वार्टर को सौंप दी गई है।
दूसरी कांस्टेबल ने भी कहा, हो रही है प्रताड़ना
शाह अस्पताल में पहुंची दो अन्य कांस्टेबलों ने कहा कि वे इस समस्या को लेकर पहले डीएसपी से भी मिल चुकी हैं। उनकी लगातार प्रताड़ना की जा रही है। काम को लेकर उन्हें बेवजह परेशान किया जाता है। झूठे मुकदमे तक दर्ज करने की धमकी दी जाती है।