प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ निगलने वाली महिला अध्यापिका की हालत अब खतरे से बाहर है। हालांकि अभी वे आईसीयू में भर्ती हैं, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि अभी उसकी हालत खतरे से बाहर है। एसडीएम मनप्रीत कौर ने रविवार को अस्पताल पहुंच कर अध्यापिका से मुलाकात की।
शनिवार को सीवन गेट स्थित प्राथमिक पाठशाला में एक महिला अध्यापिका ने स्कूल में ही स्टाफ सदस्यों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए जहरीला पदार्थ निगल लिया था। उसने आत्महत्या का प्रयास किया। जिस पर परिजनों ने उसे शाह अस्पताल में दाखिल करवाया था। इससे पूर्व उसने 19 अक्तूबर को भी डीसी को शिकायत देकर आत्महत्या की अनुमति मांगी थी।
शाह अस्पताल में चिकित्सक राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि महिला अध्यापिका की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन अभी आईसीयू में हैं। सोमवार तक हालत में और सुधार आने की उम्मीद है। दूसरी ओर अध्यापिका के परिजनों ने कहा कि उन पर इस मामले में अप्रत्यक्ष रुप से दबाव डाला जा रहा है। जिसके बारे में वे किसी को शिकायत भी नहीं कर सकते।
डीसी को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट
रविवार को एसडीएम मनप्रीत कौर ने अस्पताल पहुंच कर महिला अध्यापिका से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे अध्यापिका का हाल चाल जानने के लिए अस्पताल गई थीं। जहां अध्यापिका से कुछ बातचीत हुई है। उसके बयान दर्ज किए हैं। वे इस मामले में जांच कर रही हैं। जांच के तहत दोनों ही पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। शीघ्र ही इस संबंध में डीसी को जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। यह प्रताड़ना का मामला है। एसएचओ वीरेंद्र सिंह खर्ब ने कहा कि अभी महिला अध्यापिका बयान देने की स्थिति में नहीं है। जैसे ही चिकित्सक उसे बयान के लिए फिट घोषित कर देंगे, वे बयान दर्ज कर अगली कार्रवाई करेंगे।
दोनों पक्षों की सुनी जाएगी : एसपी
एसपी कृष्ण मुरारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। मामले में दूसरा पक्ष भी उनसे मिला था। उन्होंने अपनी बात रखी है। जांच में दोनों ही पक्षों की बात सुनी जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।