गत 20 अप्रैल को चीका के गांव बलबेहड़ा में फर्जी डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करते हुए पकड़ी गई एएनएम से पुलिस रिमांड के दौरान बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। जो पंजाब और यूपी सहित प्रदेश के कई हिस्सों में कन्या भ्रूण हत्या जैसे कार्य में संलिप्त था। पुलिस ने रिमांड के दौरान मिली जानकारी के बाद यूपी से एक फर्जी डॉक्टर को भी काबू किया है।
उप सिविल सर्जन कैथल डा. नीलम कक्कड़ और पुलिस टीम ने गांव बलबेहड़ा के सरकारी भवन से 20 अप्रैल को एक फर्जी महिला डॉक्टर प्रीति को काबू किया था। जिसने सरकारी भवन में प्राइवेट अस्पताल चला रखा था। उसके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित व सरकारी दवाइयों का जखीरा भी बरामद किया था। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई तो पता चला कि उसका पति देवेंद्र भी उसके गोरखधंधे में शामिल है। जिसे 28 मई को गिरफ्तार कर अदालत से 2 दिन के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनका नेटवर्क पटियाला, सहारनपुर, कुरुक्षेत्र, चाकी प्लॉट अयोध्या यूपी तक जुड़े हैं। आरोपी महिला दंपति भ्रूण जांच व भ्रूण हत्या जैसे कार्य को अंजाम देने के लिए बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए नकदी वसूलते थे।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सहारनपुर यूपी निवासी बोगस डॉक्टर साकिल अहमद का चीका पुलिस के एसआई सुल्तान सिंह ने 2 मई को न्यायालय से दो दिन के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया है। जबकि आरोपी देवेंद्र बलबेहड़ा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
डिप्टी सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़ ने बताया कि पकड़ी गई उक्त महिला एएनएम थी और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए भी लिख दिया गया है।