अमर उजाला ब्यूरो
कैथल, गुहला-चीका। गांव बलबेहड़ा के सरकारी चिकित्सालय में कार्यरत एक एएनएम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राइवेट प्रेक्टिस करते हुए पकड़ा है। आरोपी एएनएम बलबेहड़ा के सरकारी अस्पताल को अपना निजी क्लीनिक बनाए हुए थी और अन्य दवाओं के साथ साथ सरकारी दवाइयां भी बेच रही थी।
पिछले कुछ दिनों से गांव बलबेहड़ा में एक महिला द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक चला लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की सूचना मिल रही थी। वीरवार को उप-सिविल सर्जन नीलम कक्कड़ ने डाक्टरों की एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने गांव बलबेहड़ा में निजी क्लीनिक चला रही प्रीति देवी पत्नी बलविंद्र सिंह के क्लीनिक पर रेड मारी और उससे अपना डाक्टरी संबंधी सर्टिफिकेट दिखाने को कहा। डाक्टरों की टीम ने जब प्रीति देवी से पूछताछ की तो वह अपनी डिग्री बारे कोई सबूत टीम के सामने पेश नही कर पाई। जांच के दौरान प्रीति देवी के पास से भारी मात्रा में सरकारी अस्पतालों में दी जाने वाली दवाईयां भी बरामद हुई है। उप-सिविल सर्जन नीलम कक्कड़ की शिकायत पर चीका थाना में पकड़ी गई फर्जी महिला चिकित्सक प्रीति देवी के खिलाफ धारा 420, 409, 406, 405, 378, 379, 335, 417 आईपीसी और एनडीपीसी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।