किसानों से की नौकरी लगवाने के नाम पर 94 लाख की ठगी
फर्जी नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र भी देने का आरोप
पुलिस ने दोनों के खिलाफ दर्ज किया मामला, एफआईआर में डीसी कार्यालय के क्लर्क का भी जिक्र
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस ने चौशाला निवासी दो भाइयों पर लोगों से नौकरी लगवाने सहित अन्य मामलों में 94 लाख रुपये की ठगी के आरोप में केस दर्ज किया है। एफआईआर में डीसी कार्यालय के एक क्लर्क का भी जिक्र है।
पुलिस को दी शिकायत में नफे सिंह निवासी गांव चौशाला ने बताया कि गांव के ही दलबीर व उसका भाई कुलबीर अनाज मंडी कलायत में आढ़त की दुकान चलाते थे। उसके साथ-साथ गांव के काफी लोगों का उनके साथ पैसों का लेन-देन था। वह अन्य किसानों के साथ फसलों की बचत व अन्य साधनों की बचत को दलबीर व उसके भाई के पास जमा करते थे। दोनों भाई किसानों की जमा पूंजी पर अच्छा ब्याज का लालच देते थे। उन्होंने वर्ष 2016 में उसके साथ-साथ गांव के किसानों का काफी पैसा ब्याज का लालच देकर इकट्ठा कर लिया। आरोपियों ने सभी के साथ धोखाधड़ी करके ऊंचे ब्याज दर का लालच देकर उक्त रुपये गबन किए हैं। इन पैसों के बदले आरोपियों ने रसीद भी दी थी वह उनके पास है।
बेटे को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे 17 लाख रुपये : शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों ने डीसी कार्यालय में कार्यरत अपने एक अन्य भाई का जिक्र करते हुए उसके बेटे को नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया। इस काम के उन्होंने उससे 17 लाख रुपये मांगे। आरोपियों ने इसके बाद उसके लड़के संत राम के कागजात भी ले गए और डीसी कार्यालय में कार्यरत क्लर्क भाई से भी मिलवाया। इसके बाद आरोपियों ने उसके लड़के की सोनपुर में नौकरी लगने की बात की और ज्वाइंनिग लेटर व आई कार्ड देकर सोनपुर पहुंचे तो पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर व आई कार्ड नकली है। इसके बाद भी आरोपियों ने न तो पैसे दिए और न ही नौकरी दिलवाई।
सब इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों भाइयों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।