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असली नोटों के पीछे छिपी है नकली गड्यिं के बड़ी खेप

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असली नोटों के पीछे छिपी है नकली गड्डियों के बड़ी खेप
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दिल्ली में बैठकर रची जाती थी धोखाधड़ी की योजना
पुलिस का नाका तोड़ने का भी किया प्रयास
जल्दबाजी में नोटों के बंडल पकड़ाकर भागने की थ्योरी पर काम करते हैं ठग
पुलिस पूछताछ में हो सकते हैं अहम खुलासे
राजू जगत
कैथल। असली नोटों के अंदर छिपी नकली खेप के माध्यम से ठग गिरोह के सदस्य लोगों को चूना लगाते हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन व्यक्तियों से प्रारंभिक पूछताछ में ही चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ठग अपने शिकार को जल्दबाजी में नोटों की गड्डियां थमा कर असली नोट लेकर फुर्र हो जाते थे। जब तक पीड़ित को समझ आता, तब तक वे फरार हो चुके होते हैं। असली नोटों की मदद से तैयार नकली नोटों की गड्डियां बरामद करने के लिए पुलिस आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो चुकी है। 500-500 के नोटों को ऊपर-नीचे लगाकर बनाई गई गड्डियों की खेप दिल्ली में एक कमरे में बंद है। आरोपी उन नोटों की खेप को यूपी में भेजने की फिराक में थे। इस मामले का सरगना गांव कनहेड़ी जिला फतेहाबाद निवासी राजबीर है। जिसके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में इसी प्रकार के मामले दर्ज है। जिसमें उसके दो साथी सुनील और ढाबी टेक सिंह जिला जींद निवासी सोमी शामिल है।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूला कि उन्होंने दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 21 में किराये का कमरा लिया हुआ है। जहां वे विभिन्न प्रकार के करंसी की कागज की गड्डियां तैयार करते हैं। जो इस प्रकार की अन्य तैयार गड्डियां बरामद करवा सकते हैं। सरगना राजबीर ने कबूला कि उन्होंने वहां कलर प्रिंटर की मदद से नोटों की कापी व आई प्रूफ वगैरह तैयार किए हुए है। जिसकी खेप यूपी में भेजनी थी। पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली के लिए निकल चुकी है। शातिर आरोपी के खिलाफ पानीपत, कैथल, जींद सहित अन्य जिलों में मामले दर्ज हैं।
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गाड़ी के अंदर मिली है कई नंबर प्लेट : आरोपियों की गाड़ी में कई नंबर प्लेट मिली हैं। जिससे साबित होता है कि आरोपी गाड़ी में वारदात नकली नंबर प्लेट लगाकर करते थे ताकि भागने के समय आरोपियों को काबू न किया जा सके। पुलिस ने करीब नंबर प्लेटों को काबू कर लिया है।

हाथों-हाथ नोट देकर भागते थे आरोपी : आरोपी वारदात के समय जल्दबाजी दिखाकर नोटों की गड्डियों को बिना गिने ही हाथ में देकर चले जाते थे। ताकि असली नोटों को लेकर वह जल्दी से जल्दी मौके से फरार हो सके। ऐसे में नोटों को दोगुना करने का झांसा गड्डी दिखाकर दिया जाता था।
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पुलिस को भी किया था कुचलने का प्रयास : आरोपियों ने सीआईए पुलिस की टीम को देखकर कुचलने का प्रयास किया था। जिसमें पुलिस कर्मचारी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आरोपियों का कई किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान उनकी गाड़ी के आगे एक जानवर आ गया उसे बचाने के चक्कर में गाड़ी पेड़ से टकरा गई। जिस पर पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लिया।
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