ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर भेज दिया ग्रीस, लापता हुआ बेटा
-एजेंट ने लगाई 12 लाख 90 हजार रुपये की चपत, ग्रीस पहुंचने के बाद से बेटे से नहीं हो पा रहा संपर्क
-परिजनों ने कबूतर बाजों के चुंगल से बेटे का छुड़ाने के लिए पुलिस से लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव काकौत निवासी एक युवक से एजेंटों ने आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 12 लाख 90 हजार रुपये ले लिए। लेकिन उसे आस्ट्रेलिया नहीं भेजा। युवक ग्रीस पहुंचने के बाद से लापता है। परिजनों ने पुलिस में केस दर्ज करवाकर युवक को एजेंटों के चंगुल से छुड़वाने की मांग की है। पुलिस ने एजेंटों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव काकौत निवासी चमेला राम ने बताया कि वह अनाज मंडी पूंडरी में चाय की दुकान करता है। उसके दो लडक़े कुलदीप व विनोद हैं। जो उसकी चाय की दुकान पर ही काम करते है। उसने बताया कि करनाल के सुल्तानपुर निवासी पवन व अंबाला निवासी कवलजीत का अनाज मंडी में आना जाना था। दोनों उसके दुकान पर चाय पीते थे जिसके कारण उनकी जान पहचान बढ़ गई।
एक सितंबर 2016 को दोनों आरोपियों ने उसको बताया कि वह लड़कों को वर्क परमिट पर बाहर भेजने काम करते हैं। उसने कहा कि सुल्तानपुर के गांव में रहने वाले कुछ लड़कों को उसने आस्ट्रेलिया भेज दिया है। आरोपी ने बताया कि वह उसके बेटे कुलदीप को वर्क परमिट पर ऑस्ट्रेलिया भेज देगा। जिसके लिए करीब 12 लाख रुपये का खर्च आएगा। चमेला राम ने बताया कि 12 अक्टूबर को बातचीत के बाद उसने आरोपियों को एक लाख रुपये, पासपोर्ट व अन्य कागजात सौंप दिए। दोनों आरोपी उनको 20 से 25 दिन में वीजा लगने की बात कहकर वहां से चले गए। 18 अक्टूबर को पवन ने उसकी बेटे कुलदीप को करनाल में बुलाया और एक यूनियन बैंक में खाता खुलवाया। जिसका एटीएम व पासबुक उसने अपने पास रख ली और कहा कि जब भी उसको पैसे डलवाने होंगे तो इस खाते में डलवा देना। वह एटीएम से निकालता रहेगा। 25 अक्टूबर को बैंक खाते से दो लाख रुपये की राशि परमिन्द्र सिंह को ट्रांसफार्मर कर दिए गए। 27 दिसंबर को 24 हजार व 17 जनवरी को 23 हजार रुपये मेडिकल व वीजा फीस के नाम से बैंक खाते से निकाल लिए गए। 22 मार्च को उसने अपने संबंधियों से करीब साढ़े चार लाख रुपये लेकर दोनों आरोपियों को दिए। दो लाख रुपये 7 अप्रैल को एक खाते में आरोपी ने दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। पांच मई को आरोपी पवन उसके बेटे के लिए आबुधाबी की एक टिकट लेकर आया। उसने कहा कि चार मई को आबुधाबी की लिए फ्लाइट है, वहां से वह उसको आस्ट्रेलिया भेज देगा। जब वह दिल्ली पहुंचे तो उन्होंने कहा कि टिकट कैंसल हो गई है। अगली टिकट 14 या 15 मई को होगी। इसके लिए 90 हजार रुपये तैयार रखे। वे वापस घर आ गए। 12 मई को आरोपी को फोन आया कि वह अपनी तैयारी पूरी कर लें, फ्लाइट 14 मई की है। जब वह 14 मई को दिल्ली पहुंचे तो दोनों आरोपियों ने उससे 90 हजार रुपये लेकर वीजा व पासपोर्ट दिया। जिसमें आरोपियों ने उसको आबुधाबी का टिकट दिया। जिस पर आरोपियों ने कहा कि तीन-चार दिन के बाद आबुधाबी से उसको आस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा। सुबह चार बजकर 45 मिनट पर उसके बेटे को दुबई के लिए रवाना कर दिया। जहां से वह उसी टिकट पर बेलग्रेड चला गया। जहां पहुंचाने पर उसके बेटे ने बताया कि वह अभी आस्ट्रेलिया नहीं पहुंचा है। 16 जून को उसके बेटे का फोन आया कि वह ग्रीस में है। एजेंट व कुछ लड़के भी उसके साथ है। उसके बाद आरोपी पवन का उसके पास फोन आया कि अगर लड़के को आस्ट्रेलिया पहुंचाना है तो 50 हजार रुपये और देने होंगे। जिसमें उसने एक व्यक्ति को 40 हजार रुपये एनआईएफटी के जरिए ट्रांसफार्मर करवाए। 10 जुलाई तक उसके बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पाया। वहीं आरोपी उसके पास फोन किया अगर उसके बेटे को आस्ट्रेलिया भेजना चाहती है तो डेढ़ लाख रुपये और लगेंगे। नहीं तो कहीं उसका बेटा सड़ कर मर जाएगा। उसने बेटे से बातचीत करने के लिए कहा तो उसने कहा कि बातचीत बाद में होगी पहले पैसे दो। जब वह सुल्तानपुर में कुछ लोग उससे मिलने गए तो उसने कहा कि बातचीत तब होगी जब डेढ़ लाख रुपये दे देगा। चमेला राम ने बताया कि उसने पुलिस को शिकायत दी। उसने बताया कि उसको पता चला है कि आरोपियों का एक बड़ा ग्रुप है। जिसने उसके 12 लाख 90 हजार रुपये हड़प लिए हैं। उसने पुलिस से गुहार लगाई है कि उसके बेटे को आरोपियों के चुंगल से छुड़वाया जाए।
एएसआई ईश्वर सिंह ने बताया कि पुलिस ने करनाल के गांव सुलतानपुर निवासी पवन, उसकी पत्नी निशा व अंबाला निवासी कवलजीत के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।