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बिल का भुगतान नहीं हुआ तो 24 घंटे तक नहीं दिया शव

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बिल का भुगतान नहीं हुआ तो 24 घंटे तक नहीं दिया शव
24 घंटे से भी ज्यादा समय से अस्पताल में पड़ा रहा 22 वर्षीय युवक का शव
किसी तरह एक लाख 18 हजार की बजाए 50 हजार रुपये जमा करवाकर शव लिया
कुछ भी कहने से इंकार किया परिजनों ने
अस्पताल में इंचार्ज ने कहा-बिल के कारण नहीं रोका गया शव
फोटो संख्या-30
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अंबाला रोड बाईपास की ओर स्थित एक अस्पताल में एक युवक की सड़क दुर्घटना में घायल होने के चलते हुई मौत के 24 घंटे बाद भी बिल का भुगतान ना होने की वजह से शव नहीं दिया गया। परिजनों ने काफी मन्नत के बाद जब शुक्रवार दोपहर को 50 हजार रुपये जमा करवाए, तब जाकर उन्हें युवक का शव मिल पाया। बाद में परिजनों ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं अस्पताल प्रबंधक ने बिल की वजह से शव रोके रखने की बात से इंकार किया है।
मृतक के चाचा गांव फतेहपुर पूंडरी निवासी जोगेंद्र ने बताया कि उसका भतीजा संदीप(22) मजदूरी करता था। बुधवार रात को वह अपने भाई मीनू के साथ कार से नैनां-धौंस के निकट से जा रहे थे। जहां उनका संतुलन बिगड़ गया और कार पेड़ से जा टकराई। जिसमें दोनों को चोट लगी थीं। उन्हें कैथल के एक बड़े अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे दाखिल कर लिया। उन्होंने कहा कि उसका ऑपरेशन होना है। इसलिए किसी से मिलने नहीं दिया गया। इसके बाद 1 लाख 40 हजार रुपये जमा करवाने को कहा गया। उन्होंने किसी तरह 85 हजार रुपये वीरवार सुबह तक जमा करवा दिए। इसके बाद बताया गया कि ऑपरेशन हो जाएगा कि लड़का ठीक हो जाएगा। वीरवार दोपहर बाद डॉक्टरों ने कहा कि संदीप की मौत हो गई है। बकाया राशि 1 लाख 40 हजार रुपये ओर जमा करवाओ। इसके बाद शव दिया जाएगा। उन्होंने विनती भी की कि उनके पास इतनी राशि नहीं है। वीरवार दोपहर 1 बजे तक सभी रिश्तेदारों तक को फोन किए। लेकिन पैसे का प्रबंध नहीं हुआ तो 1 बजे डीसी औैर एसपी कार्यालय में गुहार लगाने के लिए गए। जब इस बात का अस्पताल प्रबंधन को पता चला तो उन्होंने उन्हें बुला लिया और 1 लाख 40 हजार की बजाए 80 हजार रुपये जमा करवाकर शव ले जाने की बात कही। बाद में किसी तरह उन्होंने 50 हजार रुपये ओर जमा करवाए। इसके बाद शुक्रवार को लगभग 3 बजे के बाद उन्हें शव दिया गया।
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वहीं अस्पताल में कुछ परिजनों ने भी जानकारी देने से इंकार कर दिया और कहा कि उन्हें कोई खबर नहीं छपवानी। जबकि मृतक की एक रिश्तेदार महिला ने कहा कि गरीब आदमी की कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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अस्पताल के अधिकारी ने कहा कि अस्पताल की ओर से आधिकारिक वक्तव्य कोई नहीं है। जो बातें की जा रही हैं ऐसा कुछ नहीं हुआ। किसी की शिकायत नहीं है।

पुलिस कर्मचारी का कहना है मौत शुक्रवार को हुई:-
जांच अधिकारी एएसआई महीपाल ने संदीप की मौत मामले में अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जिसने पीछे से उनकी कार को टक्कर मारी थी। मृतक के रिकॉर्ड के अनुसार उसकी मौत वीरवार को हुई है। उसी अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
दूसरी ओर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अमन सूद ने कहा कि संदीप की मौत 12 से 24 घंटे पहले हुई थी। ऐसा पोस्टमार्टम करते हुए प्रतीत हुआ है।
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