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चेकिंग करने गए बिजली कर्मियों पर हमला, ग्रामीणों ने पत् थर बरसाये

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चेकिंग करने गए बिजली कर्मियों पर हमला, ग्रामीणों ने पत्थर बरसाये
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका। बुधवार की रात में गांव हरिगढ़ किंगन में चेकिंग करने गई बिजली विभाग की विजिलेंस टीम पर लोगों ने हमला कर दिया। टीम के कुछ लोग तो भागने में सफल हो गए, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए उसी घर की शरण ले ली जिसकी चेकिंग के लिए वे आए थे। गुस्साए लोगों ने आधी रात तक घर को घेरे रखा। बिजली कर्मियों को बाहर निकालने आई पुलिस पर लोगों ने पत्थर बरसा दिए। हालांकि लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बिना जानकारी लोगों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। जवाब में लोगों की तरफ से पत्थरबाजी हुई। पथराव व लाठीचार्ज में 5 पुलिस कर्मचारी घायल हो गए। वहीं कई अन्य कर्मचारियों को भी मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को नामजद करते हुए 200 से अधिक अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बुधवार रात तकरीबन 9 बजे बिजली विभाग करनाल की विजिलेंस टीम गांव हरिगढ़ किंगन पहुंची और गांववासी राम भगत पुत्र नंदा राम के घर में जाकर चेकिंग शुरू कर दी। बिजली कर्मियों ने राम भगत का मीटर उतारा तथा वहीं बैठकर उसे पैक करना शुरू किया तो तभी गांव से सैकड़ों लोग राम भगत के मकान के आसपास जमा हो गए। लोगों ने बिजली कर्मियों से मारपीट शुरू की तो चार पांच कर्मचारी एक गाड़ी में बैठकर वहां से निकल भागने में सफल हो गए। जो कर्मचारी नहीं भाग पाए उन्होंने जान बचाने के लिए राम भगत के मकान में शरण ले ली। लोगों ने खूब शोर मचाया पर रामभगत ने किसी भी गांव वाले को घर में नहीं घुसने दिया।
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घटना की सूचना पाकर पहले चीका व गुहला थानों के प्रभारी अपने सहायक पुलिसकर्मियों के साथ हरिगढ़ किंगन पहुंचे पर जब मामला सुलझता नजर नहीं आया तो कैथल से और पुलिस बल बुला लिया गया। पुलिस कर्मियों ने जब बिजली कर्मियों को बाहर निकालने के लिए भीड़ को चीरते हुए रास्ता बनाने की कोशिश की तो पुलिस के साथ भी लोगों की तनातनी हो गई। लोगों ने पुलिस पर ईंट पत्थर बरसा दिए। हालांकि लोग आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया उसके बाद लोग भड़के और पत्थर बरसा दिए।

बंद लाइट में मची अफरा तफरी
जिस समय गांव में बिजली कर्मी आए उस समय बिजली चल रही थी मगर जिस समय चीका से पुलिस का पहला दल आया तो बिजली चली गई या किसी ने बंद कर दी। पहले से ही मचे शोर शराबे को अंधेरे ने अफरा तफरी में बदल दिया। काफी देर तो यह पता नहीं चला कि कौन किसको मार रहा है। इस दौरान लाठियां डंडे भी चले और पत्थर भी बरसे। पत्थरबाजी में सब इंस्पेक्टर अमर सिंह, एएसआई भीम सिंह, सिपाही सुरेंद्र, लाइनमैन राजेश व एएलएम पंकज गंभीर रूप से घायल हो गए। इनके अलावा आधा दर्जन के आसपास पुलिस व बिजली कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं। गंभीर रूप से घायल एक पुलिसकर्मी को महावीर दल चीका में उपचार चल रहा है। बाकी घायल पुलिस कर्मी व बिजली कर्मचारी कहां इलाज करवा रहे हैं, खबर लिखे जाने तक इसकी सूचना नहीं मिल पाई।
200 से ज्यादा के खिलाफ मामला दर्ज
बिजली विभाग करनाल के विजिलेंस एसडीओ प्रवीण कुमार की शिकायत पर चीका पुलिस ने हरिगढ़ किंगन निवासी कर्मवीर उर्फ बिल्ला, रमेश उर्फ खोपा, लीला, रोशन व नफे सिंह सहित तकरीबन 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा दोबारा गांव में घुसने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
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विजिलेंस के एसडीओ प्रवीण कुमार ने कहा कि गांव में बिजली चोरी की जांच कर रहे थे कि लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। उसी व्यक्ति ने उन्हें बचाया, जिसके घर की जांच की जा रही थी। वे करीब ढाई घंटे तक वे घर के अंदर बंधक रहे। इसके बाद विजिलेंस करनाल सहित डीएसपी गुहला को सूचित किया। मुश्किल से वे वहां से निकल सके। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। कई कर्मचारियों को चोटें आई हैं।
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