अमर उजाला ब्यूरो
कलायत (कैथल)।
जींद में ब्लाइंड मर्डर के मामले में नाम आने पर एक युवक को हिरासत में लेकर जा रही जींद सीआईए की टीम पर गांव बालू में वाल्मीकि बस्ती में उग्र भीड़ ने हमला कर दिया और काबू किए गए युवक को छुड़वा लिया। पुलिस टीम पर ईंटों व पत्थरों से हमला कर 5 पुलिस कर्मचारियों को घायल कर दिया। वहीं पुलिस कर्मियों ने आत्मसुरक्षा में 7 हवाई फायर भी किए। चालक ने बहादुरी का परिचय देते हुए गाड़ी को भीड़ में से किसी तरह निकाला। सभी घायल पुलिस कर्मियों का कलायत अस्पताल में इलाज करवाया गया। सूचना मिलने पर जींद से डीएसपी कलायत पहुंचे। पुलिस मामले में कार्रवाई में जुट गई है।
जींद डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि 5 अगस्त 2008 को जींद जिला के अलेवा थाना के गांव संडील में शमशेर पुत्र भोला राम का ब्लाइंड मर्डर हुआ था। सीआईए स्टाफ के हाथ उस मर्डर का एक लगा। उससे पूछताछ के दौरान उसने कुछ लोगों का नाम बताया जिसमें गांव बालू के संजीव पुत्र कर्मबीर का नाम भी शामिल था। सीआईए स्टाफ रवींद्र सिंह एएसआई के नेतृत्व में गांव बालू में पूछताछ के लिए पहुंचा व संजीव से मामले की जानकारी चाही। संजीव ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। पुलिस ने गांव के किसी मौजिज आदमी के घर पर बैठ कर बातें करने के लिए संजीव को पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया। देखते ही देखते वाल्मीकि समाज के लोगों ने पुलिस की गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया व तोड़ फोड़ करनी शुरू कर दी। उपद्रवियों ने पुलिस वाहन के शीशे व दरवाजे तोड़ दिए तथा संजीव को गाड़ी से निकाल कर ले गए। उन्होंने बताया कि रवींद्र सिंह ने लोगों को समझाने की बहुत कोशिश की कि वे लोग केवल जानकारी लेने आए हैं पर लोगों ने कुछ नहीं सुनी और उन पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव व मारपिटाई में जींद पुलिस के 5 कर्मचारी बुरी तरह से घायल हो गए। वाहन का चालक संजय किसी तरह से भीड़ से वाहन को निकाल कर बाहर लाया, जिसका उपद्रवियों ने पीछा किया। हालात पूरी तरह से बेकाबू देख कर पुलिस ने आत्मरक्षा में करीब सात हवाई फायर कर उपद्रवियों को तितर बितर कर भाग कर अपनी जान बचाई।
घायल हुए एएसआई करनैल सिंह, कृष्ण कुमार, रवींद्र कुमार और हेड कांस्टेबल संजय कुमार का कलायत के सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। डीएसपी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस टीम पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी संपत्ति की क्षति और घटनाक्रम से जुड़े अन्य आरोपियों की वीडियो के माध्यम जांच की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी।
एसएचओ ललित मोहन ने बताया कि पुलिस मामले में वीडियो की भी जांच कर रही है कि घटना किस तरह से हुई और कौन-कौन जिम्मेवार है। इसी अनुसार केस दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी रामकुमार ने बताया कि जींद पुलिस टीम पर हमला कर लोगों ने युवक को छुड़वाया है। इस मामले में केस दर्ज किया जा रहा है। पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
सरपंच कि खिलाफ लगाई गई आरटीआई से जोड़कर देख रहे मामला
जिला कोर्ट के अधिवक्ता राजेश कापड़ो ने बताया कि जिस लड़के को पुलिस उठाने गई थी उसका छोटा भाई व तीन चार अन्य युवक घायलावस्था में कैथल जिला अस्पताल में आए थे। उन्हें डॉक्टरों ने दाखिल नहीं किया और उन्हें कलायत जाने को कहा तो उन्होंने मुझे संपर्क किया। अस्पताल आने पर लड़के ने मुझे पूरी जानकारी दी और कहा कि सादी वर्दी में कुछ लोग उसके भाई को उठाकर ले जा रहे थे। जिसे रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने गांववालों पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसका हमलोगों ने विरोध किया। वकील ने कहा कि उक्त युवक इस पूरे मामले को गांव के सरपंच के खिलाफ लगाई गई आरटीआई व सरपंच की शैक्षणिक डिग्री पर उठाए गए सवाल के मामले से जोड़कर देख रहे हैं।
17 धाराओं के तहत केस दर्ज : एसएचओ कलायत ललित मोहन ने बताया कि पुलिस ने गांव बालू में हुए हमले के मामले में सुल्तान सिंह पुत्र दरिया, संदीप पुत्र भंडारी, अनिल पुत्र भंडारी, रेखा पत्नी सुल्तान सिंह, सही राम पुत्र दरिया राम, बिट्टू पुत्र बलवान, बख्शू पुत्र पप्पू, अजय पुत्र राजा राम, केशा पुत्र माली, अक्षय पुत्र पप्पू के अलावा 19 को नामजद सहित 45 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 109, 114, 145, 146, 147, 148, 149, 186, 225, 307, 332, 333, 353, 341, 341, 379 बी, 427 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
हमले का वीडियो वायरल, सीआईए टीम के ड्राईवर ने बहादुरी का परिचय दे साथियों को बचाया
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बालू में हुए सीआईए जींद की टीम पर हमले का वीडियो घटना के कुछ ही देर बार सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें शुरुआत में पुलिस कर्मचारी गाड़ी में बैठे और भीड़ गाड़ी को घेरे नजर आ रही है। एक पुलिस कर्मचारी बाहर लोगों को समझाते हुए दिख रहा है। इतनी ही देर में भीड़ उग्र हो गई और पीछे से गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और कर्मचारियों को बाहर खींचना शुरू कर दिया। आगे भी गाड़ी पर पथराव शुरू हो गया। इसी बीच कर्मचारियों को बाहर खींच लिया गया और काबू किए गए युवक को लोगों ने छुड़वा लिया। इसके बाद पुलिस कर्मचारी भी उस युवक को छोड़ने का इशारा करते हुए दिख रहे हैं। लेकिन भीड़ का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। गाड़ी से कुछ दूरी पर खड़ी भीड़ ने ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। एक युवक ने खिड़की तोड़ने का प्रयास किया। कुछ बुजुर्ग युवकों को रोकते व उन्हें काबू करते भी दिख रहे हैं, लेकिन इन बुजुर्गों की पूरे घटनाक्रम में एक नहीं चली। इसके बाद एक ईंट गाड़ी के ऊपर लगकर पुलिस कर्मचारी के सिर के ऊपर से निकलती हुई दिखाई दी तो दूसरी गाड़ी के सामने के शीशे पर आकर लगी। भयंकर पथराव के बीच गाड़ी के चालक ने हिम्मत नहीं हारी और उसने पहले गाड़ी को पीछे किया। इस दौरान खूब पत्थरबाजी होती रही और एक युवक लाठी लेकर हमला करने भी दौड़ता नजर आ रहा है। पास ही दौड़ रहे एक पुलिस कर्मचारी पर भी युवक ने लाठी से हमला किया, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद पीछे ट्रैक्टर आने के कारण गाड़ी को फिर रोकना पड़ा। बाद में चालक ने किसी तरह गाड़ी मोड़ ली और कुछ दूरी पर आगे खड़े कर्मचारियों को गाड़ी में बैठाकर उन्हेें सुरक्षित निकाल कर ले गया।
वीडियो में कहीं नजर नहीं आ रहे हवाई फायर करते पुलिस कर्मचारी : डीएसपी ने अपने बयान में हवाई फायर करने की बात कही है। लेकिन 2 मिनट व 50 सेकेंड के वीडियो में कहीं भी पुलिस कर्मचारी हवाई फायर करते नजर नहीं आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि गाड़ी का पीछा कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए ये फायर किए गए हैं।
हत्या के मामले में नाम आने पर काबू किए युवक को भीड़ ने सीआईए जींद की टीम पर हमला कर छुड़ाया
- पांच पुलिस कर्मचारी घायल, पुलिस की गाड़ी तहस-नहस की, बचाव में पुलिस टीम ने किए सात हवाई फायर
- जींद डीएसपी पहुंचे कलायत, केस दर्ज करने की कार्रवाई जारी
- ब्लाइंड मर्डर की जांच में मामले में पहुंची थी गांव बालू में सीआईए जींद की टीम
फोटो संख्या 42 से 47