कैथल, राजौंद। शनिवार सुबह गांव नरवलगढ़ के निकट कैथल-असंध मार्ग पर एक स्कूल बस व यात्री बस में हुई टक्कर में दर्जन भर बच्चों को चोटें आईं। वहीं दोनों बसों के चालक व एक बस के परिचालक को गंभीर चोटें आई हैं। बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हालांकि एक छात्रा के सिर में ज्यादा चोट आई हैं। उसका उपचार जारी है। राजौंद पुलिस ने एंबुलेंस मंगलवाकर बच्चों व चालक को शाह अस्पताल पहुंचाया। उधर, अस्पताल में पहुंचे परिजनों व निजी बस के कंडक्टर के बीच जमकर कहासुनी हुई।
गांव किच्छाना के सरपंच प्रवीण किच्छाना ने बताया कि गांव से निजी स्कूल की बस में चालक बच्चों को किच्छाना से लेकर राजौंद में स्थित स्कूल की ओर लेकर जा रहा था। सामने से आ रही यात्री बस के साथ इसकी टक्कर हो गई। टक्कर ड्राइवर साइड की ओर से हुई। जिसमें बच्चों सहित चालक भी घायल हो गए। करीब दर्जन भर बच्चों को मामूली चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए शाह अस्पताल लाया गया। जहां से करीब सभी बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। एक छात्रा जिसके सिर में चोट थी, उसे उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया। इसके अलावा स्कूल बस के चालक कृष्ण कुमार, कंडक्टर सुरेश कुमार व निजी बस के चालक राजेश कुमार को दाखिल किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्कूल के एमडी सुरेंद्र ढुल, जजपा नेता बलवान सिंह कोटड़ा भी मौके पर पहुंचे। वहीं बच्चों को चोट की सूचना मिलते ही अस्पताल डायरेक्टर डॉ. महेंद्र सिंह शाह भी इमरजेंसी में पहुंचे। सभी ने बच्चों व घायल चाल व परिचालकों का हाल-चाल जाना।
निर्माणाधीन सड़क की दोनों ओर की गई खुदाई के कारण हुआ हादसा
स्कूल बस चालक कृष्ण कुमार ने कहा कि यहां सड़क बनाई जा रही है। जिसके दोनों ओर खाई खोदी गई है। दोनों ओर खाई होने के कारण अचानक ऐसी स्थिति हो गई कि यदि मैं नीचे उतारता तो सभी बच्चों सहित बस पलट जाती, इसी प्रकार से दूसरी ओर निजी बस चालक बस नीचे उतारता तो वह बस भी सवारियों सहित नीचे पलट जाती। गनीमत यह रही कि दोनों बसों की स्पीड़ कम थी। जिसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। स्कूल बस चालक ने बताया कि उसकी खुद की बेटी भी इसी बस में थी। जिसे चोटें आई हैं।
मौके पर बस चालक की धुनाइ
हादसे के तुरंत बाद कुछ लोगों ने स्कूल बस के चालक की पिटाई शुरू कर दी। जिस कारण बच्चों में भी दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही प्रवीण किच्छाना गाड़ी लेकर पहुंचे। उन्होंने चोटिल बच्चों सहित दोनों बसों के ड्राइवर व कंडक्टर को शाह अस्पताल पहुंचाया। वहीं पुलिस ने भी एंबुलेंस बुलाकर बच्चों को कैथल पहुंचाया।
बड़ा हादसा टला
स्कूल एमडी सुरेंद्र ढुल भी हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने कहा कि चालक उनके पास लंबे समय से काम कर रहा है। कभी कोई परेशानी नहीं आई। सडक़ के दोनों ओर खुदी खाई के कारण यह हादसा हुआ है। भगवान का शुक्र है कि बड़ा हादसा टल गया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं और स्कूल उनके साथ खड़ा है।
शाह अस्पताल के बाहर भिड़े निजी बस के परिचालक व अभिभावक
निजी बस का परिचालक मनजीत सिंह शाह अस्पताल के बाहर मांग कर रहा था कि स्कूल बस के चालक का सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया जाए। इस पर कुछ अभिभावक भड़क उठे। उनका कहना था कि क्या उसे अच्छे इलाज की जरूरत नहीं हैं। इस बात को लेकर दोनों में जमकर कहासुनी हुई। बाद में कुछ लोगों ने मामला शांत करवाया।
एसएचओ राजौंद बीरभान ने कहा कि हादसे के बाद पुलिस भी मौके पर गई थी। जांच अधिकारी को ब्यान लेने के लिए भेजा है। दोनों पक्षों से जो भी ब्यान दर्ज होंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक साल से भी ज्यादा समय से से निर्माणाधीन है सड़क, क्या निर्माण एजेंसी अधिकारी लेंगे इस हादसे की जिम्मेवारी?
राजौंद-असंध मार्ग पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से निर्माणाधीन है। इस सड़क के न बनने के कारण लोगों को काफी परेशानी आ रही थी। अमर उजाला द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया। इसके बाद इसके टेंडर पर निर्माण एजेंसी ने काम आगे बढ़ाया था। अब बताया जा रहा है कि दोनों ओर खाई खोदने के कारण यह हादसा हुआ है। अधिकारियों को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए कि निर्माण एजेंसी लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करके सड़क का निर्माण ना करे।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजकुमार ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य तेजी से व सावधानी से किया जा रहा है। कहीं से भी दोनों साइड से खुदाई नहीं की गई है। यदि ऐसा कुछ है तो पता करवाया जाएगा। किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।