जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ पर एससी एक्ट का पर्चा दर्ज
नगर पालिका कर्मचारी से मारपीट का आरोप, पांच माह पुरानी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। पांच महीने पुरानी शिकायत पर जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ वेदपाल के खिलाफ नगरपालिका के एक कर्मचारी के साथ मारपीट के आरोप में एससी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। यह वही मामला है जिसमें एसडीओ वेदपाल ने नगर पालिका चीका के तत्कालीन सचिव एवं विधायक कुलवंत बाजीगर के भतीजे अशोक कुमार के खिलाफ दफ्तर में आकर पीटने का आरोप लगाया था। अभी इस मामले की एसआईटी जांच चल रही है तथा सूचना है कि जांच अधिकारी एक दो दिन में गुहला अदालत में इस मामले में चालान पेश करने वाले हैं। उधर, एसडीओ वेद पाल ने अपने खिलाफ एससी एक्ट के तहत दर्ज मामले को साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायत कर्ता को नगर पालिका का कर्मचारी बताकर शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा कि सच्चाई ये है कि नगर पालिका के रिकार्ड में कभी भी उक्त व्यक्ति ने कर्मचारी के रूप में काम नहीं किया है।
वेदपाल ने बताया कि विधायक बाजीगर उनसे अपने भतीजे अशोक कुमार से समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। इसीलिए यह पर्चा दर्ज करवाया गया है।
यह बना एफआईआर का आधार : आठ मई 2018 को सोमदत्त पुत्र कश्मीर राम जाति बाजीगर ने थाना चीका में एक शिकायत देकर आरोप लगाया था कि वह अपने साथी देव राम पुत्र बिल्लू राम जाति बाजीगर गांव खरकां के साथ नगर पालिका का टैंकर लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के इंडस्ट्रियल एरिया वाले जल गृह गया था। वहां जब वह टैंकर में पानी भरने लगा तो एसडीओ वेदपाल ने उसके साथ गाली गलौज की तथा जाति सूचक शब्द कहे तथा बाद में नुकीली चीज के साथ हाथ व शरीर के अन्य हिस्सों पर वार किए। चीका पुलिस ने तभी इस मामले में कच्ची रपट दर्ज कर ली थी मगर एफआईआर नहीं दर्ज की गई थी।
एसडीओ ने की थी ऑडियो-वीडियो वायरल : इस शिकायत से इतर उसी दिन एसडीओ वेद पाल चीका थाना में एक शिकायत देकर आरोप लगाया कि विधायक कुलवंत बाजीगर के भतीजे एवं नगर पालिका चीका के सचिव अशोक कुमार ने पहले तो उन पर एक ठेकेदार को पानी भरकर टैंकर देने के लिए दबाव बनाया तथा जब उन्होंने इसके लिए असमर्थता जताई तो अशोक कुमार ने फोन पर ही उन्हें देख लेने की धमकी। एसडीओ ने यह भी आरोप लगाया कि फोन रखने के थोड़ी बाद ही कुछ लोग उनके दफ्तर में आए तथा उन्हें पीटना शुरू कर दिया। एसडीओ ने अपने आरोपों के समर्थन में एक ऑडियो वायरल किया जिसमें तत्कालीन सचिव नगर पालिका अशोक कुमार की एसडीओ को धमकी देती हुई बातचीत साफ सुनी जा रही थी। एसडीओ ने अपने साथ मारपीट का एक वीडियो भी पुलिस को दिया।
विज ने किया सस्पेंड-हाईकोर्ट ने करवाया बहाल
जब काफी हो हल्ला मचा तो चीका पुलिस ने पालिका कर्मचारियों की शिकायत तो रपट दर्ज करके दबा ली पर एसडीओ वेद पाल की शिकायत पर पालिका सचिव अशोक कुमार सहित कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। एसडीओ वेद पाल को इसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कैथल में शिकायत निवारण कमेटी की एक मीटिंग में एक अन्य शिकायत पर सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। एसडीओ सारी आडियो वीडियो लेकर हाईकोर्ट चले गए तो हाईकोर्ट ने उनके निलंबन पर रोक लगा दी। फिलहाल इस मामले की जांच चीका पुलिस से लेकर एक स्वतंत्र एसआईटी को दी गई है। सूचना है कि एसआईटी एक दो दिन में इस मामले में चालान पेश करने वाली है।
आरोप झूठ का पुलिंदा है, बेनकाब करूंगा : एसडीओ
फोन पर एसडीओ वेद पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नगर पालिका के जिस तथाकथित कर्मचारी के नाम से शिकायत दर्ज करवाई गई है उसे उन्होंने कभी देखा तक नहीं मारपीट करना तो दूर की बात है। एसडीओ ने कहा कि उन्हें अपने संपर्कों से पता चला है कि शिकायतकर्ता कभी भी नगर पालिका का स्थायी या अस्थायी कर्मचारी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बाकी बातें तो बाद की बात अगर इसी एक प्वाइंट पर ही नगर पालिका का रिकार्ड जांच लिया जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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एसडीओ वेद पाल वाले मामले में जांच चल रही है। कानून अपना काम करेगा। मेरा सारे मामले से कुछ भी लेना देना नहीं है।
-कुलवंत बाजीगर, विधायक